
पीएम के चेहरे की कश्मकश के बीच ममता का बड़ा ऐलान
कोलकाता. बेंग्लुरु में विपक्षी दलों के गठबंधन इंडिया में प्रधानमंत्री के चेहरे को लेकर मची कश्मकश के बीच तृणमूल सुप्रीमो का बड़ा बयान आया है। पार्टी के सालाना आयोजन शहीद श्रद्धाजंलि सभा में ममता ने ऐलान किया कि उन्हें चेयर नहीं चाहिए, भाजपा को और सहा नहीं जा रहा है। भविष्य के सभी आंदोलन इंडिया के बैनर तले ही होंगे। उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस कुर्सी नहीं चाहती है देश को बचानाचाहती है। धर्मतल्ला में लाखों समर्थकों के बीच तृणमूल कांग्रेस के शहीद सभा कार्यक्रम में उपस्थित ममता ने केन्द्र सरकार पर निशाना साधा, पंचायत चुनाव में हुई हिंसा पर सफाई दी, मणिपुर हिंसा की निंदा भी की।
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और क्या बोलीं
- पंचायत हिंसा पर-
हर शिकायत पर कार्रवाई की गई है। हिंसा सहन नहीं की जा सकती। बुद्धदेव भट्टाचार्य शाषित पूर्र्ववर्ती वाम शासनकाल में वर्ष २००३ में हुए पंचायत चुनाव के दौरान ८९ लोगों की व वर्ष २००८ में मतदान के दिन ही ४० जनों की मौत हुई थी। इस बार के पंचायत चुनाव में अब तक २९ लोग मारे गए हैं। जिनमें १८ तृणमूल, तीन-तीन भाजपा- माकपा के समर्थक हैं।
- हिंसा की राजनीति पर-
राजनीतिक पंचायतों का गठन वाममोर्चा के शासनकाल में हुआ था। वे उसे ही बहाल रखी हुई हैं। सामाजिक समस्या है। आपसी रंजिश, पारिवारिक महत्वकांक्षाएं भी हिंसा का कारण हैं।
- भाजपा कह रही वाइलांस-वाइलांस -
त्रिपुरा में रथ खींचते समय, गंगा मिशन के हादसे पर, बालासोर घटना में बड़ी संख्या में लोग मारे गए वे चुप रहीं लेकिन जब से पंचायत चुनाव शुरू हुआ है भाजपा लगातार वाइलांस-वाइलांस कह रही है।
- मनरेगा की जगह राज्य सरकार लांच करेगी खेला होबे
केन्द्र ने मनरेगा की राशि रोक रखी है। राज्य अपने बूते २६ दिनों का रोजगार सृजित कर चुका है। इसे बढ़ाकर ४०-५० दिनों तक लाया जाएगा। अपने संसाधनों से राज्य सरकार खेला होबे योजना संचालित करेगी। १०० दिनों का रोजगार सृजित किया जाएगा। खेला होबे कार्ड भी जारी किए जाएंगे।
- मणिपुर हिंसा पर-
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से चर्चा हुई है विपक्ष के गठजोड़ शाषित राज्यों के मुख्यमंत्री वहां का दौरा करना चाहते हैं। हिंसा प्रभावित लोगों से मिलना चाहते हैं। उत्तर पूर्व भारत के प्रदेश हमारी बहनें हैं। मोदी जी को दिल बड़ा करना चाहिए। विदेशों के लिए रोते हैं, देश में भी बहुत से लोग रो रहे हैं।
- बदले की राजनीति पर -
राज्य में कौआ भी चिल्लाता है तो केन्द्रीय टीमें भेजी जाती हैं। अब तक डेढ़ सौ से ज्यादा केन्द्रीय टीमें आ चुकी हैं। भाजपा के नेता राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने की योजना बना रहे हैं।
Published on:
21 Jul 2023, 3:57 PM IST
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