कोलकाता

kolkata : जब माणिक बोलते थे, तृणमूल समर्थकों के बेटे-बेटियों को मिलेगी नौकरी

शिक्षक भर्ती घोटाले में ईडी के हाथों गिरफ्तार पश्चिम बंगाल प्राथमिक शिक्षा बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष और तृणमूल कांग्रेस विधायक माणिक भट्टाचार्य एक समय खुलेआम कहते थे कि पार्टी कार्यकर्ताओं के बेटे-बेटियों को ही प्राथमिक शिक्षक व शिक्षिका की नौकरी मिलेगी।

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Oct 12, 2022
तृणमूल कांग्रेस विधायक माणिक भट्टाचार्य की कोर्ट में पेशी के दौरान उनको जूते दिखाते लोग।

शिक्षक भर्ती घोटाले में ईडी के हाथों गिरफ्तार पश्चिम बंगाल प्राथमिक शिक्षा बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष और तृणमूल कांग्रेस विधायक माणिक भट्टाचार्य एक समय खुलेआम कहते थे कि पार्टी कार्यकर्ताओं के बेटे-बेटियों को ही प्राथमिक शिक्षक व शिक्षिका की नौकरी मिलेगी। 2014 लोकसभा चुनाव के समय बालूरघाट सीट से तृणमूल प्रत्याशी अर्पिता घोष के प्रचार के समय माणिक ने सभा मंच से कहा था कि प्राथमिक शिक्षक-शिक्षिकाओं के पद पर तृणमूल कार्यकर्ताओं के बेटे-बेटियों को ही नौकरी मिलेगी। इसके लिए जरूरत पडऩे पर वे जेल जाने को भी तैयार हैं। उन्होंने सभी प्राथमिक शिक्षकों से अर्पिता के लिए चुनाव प्रचार करने को भी कहा था। उनका यह बयान विवादों में रहा था।

कोर्ट परिसर में चोर-चोर के नारे

माणिक भट्टाचार्य को मंगलवार को बैंकशाल कोर्ट में पेश करते समय लोगों ने चोर-चोर के नारे लगाए। युवक-युवतियों ने हाथ में जूते-चप्पल लेकर चोर धरो जेल भरो की नारेबाजी की। वहीं पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच माणिक को अदालत में पेश किया गया। केन्द्रीय सुरक्षा बल के जवान भी तैनात रहे।

जूते नहीं दिखाएं तो क्या आरती उतारें

कोर्ट परिसर में उपस्थित भाजपा पार्षद सजल घोष ने नारेबाजी कर रहे लोगों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि युवक युवतियों की नौकरियां पैसे के एवज में बेचने के आरोपियों को चोर नहीं तो क्या साधु कहा जाएगा। ऐसे लोगों को जूते ही दिखाए जाने चाहिए कोई उनकी आरती थोड़ी ही उतारेगा। इससे पहले पूर्व शिक्षामंत्री पार्थ चटर्जी व अनुव्रत मंडल को भी देखकर लोगों ने चोर-चोर की नारेबाजी की थी।

खटखटाया था चुनाव आयोग का दरवाजा

प्राथमिक शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष के इस तरह से नौकरी दिए जाने की बात कहने को लेकर विरोधी दलों ने सवाल उठाते हुए केंद्रीय चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाया था। उधर माणिक ने कहा था कि उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया।

पहले पूर्व मंत्री को किया था गिरफ्तार

ईडी ने स्कूल सेवा आयोग (एसएससी) भर्ती घोटाले में राज्य के पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी को जुलाई में गिरफ्तार किया था। पार्थ की करीबी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी के दो फ्लैटों से 50 करोड़ रुपए से ज्यादा की रकम बरामद की गई थी। ईडी शिक्षक भर्ती घोटाले में पैसे के लेन-देन की जांच कर रही है, जबकि सीबीआई भर्ती में अनियमितताओं की जांच कर रही है।

Published on:
12 Oct 2022 06:51 pm
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