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कश्मीरियों का दिल जीत लेते थे कुपवाड़ा मुठभेड़ में शहीद हुए इंस्पेक्टर पिंटू

तनावग्रस्त इलाके के लोगों से भी आसानी से जुड़ जाते थे- सीआरपीएफ आईजी  

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कश्मीरियों का दिल जीत लेते थे कुपवाड़ा मुठभेड़ में शहीद हुए इंस्पेक्टर पिंटू

जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में आतंकवादियों के साथ 3 दिन तक चली मुठभेड़ में शहीद होने से पहले सीआरपीएफ इंस्पेक्टर पिंटू कुमार सिंह भारत दर्शन कार्यक्रम के तहत 15 कश्मीरी युवाओं की टीम को एस्कॉर्ट कर कोलकाता ले आए थे। कोलकाता में सीआरपीएफ के आईजी एस रवीन्द्रन बताते है कि पिंटू कुमार कुमार सिंह का व्यवहार विनम्रता से भरा हुआ था। इस कारण वे कश्मीर के तनावग्रस्त इलाके के लोगों से भी आसानी से जुड़ जाते थे।

कोलकाता
जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में आतंकवादियों के साथ 3 दिन तक चली मुठभेड़ में शहीद होने से पहले सीआरपीएफ इंस्पेक्टर पिंटू कुमार सिंह भारत दर्शन कार्यक्रम के तहत 15 कश्मीरी युवाओं की टीम को एस्कॉर्ट कर कोलकाता ले आए थे। लौटते वक्त कोलकाता में सीआरपीएफ के आईजी एस रवीन्द्रन से मिल कर उनसे कहा कि फिर मिलेंगे सर, जय हिंद और फिर वापस कश्मीर जा कर शहादत दे दी। रवीन्द्रन बताते है कि पिंटू कुमार कुमार सिंह का व्यवहार विनम्रता से भरा हुआ था। इस कारण वे कश्मीर के तनावग्रस्त इलाके के लोगों से भी आसानी से जुड़ जाते थे। वहां के माहौल में घुल-मिल गए थे, इसलिए उन्हें युवाओं की टीम का नेतृत्व करने के लिए चुना गया था।

वे कहते हैं कि पिंटू कुमार सिंह से मिलने के पांच दिन बाद जब उन्हें उनके शहीद होने की खबर मिली तो वे हक्का-बक्का रह गए। पिंटू के आखिरी शब्द अभी भी कानों में गूंज रहे हैं। पिंटू कुमार सिंह (35) सीआरपीएफ की 92वीं बटॉलियन का हिस्सा थे और बिहार के बेगूसराय के रहने वाले थे। वे कुपवाड़ा में तैनात थे।

कुपवाड़ा मुठभेड़ में 5 जवान शहीद
पिछले ऑपरेशन के दौरान अच्छे प्रदर्शन की वजह से ही उनके अधिकारियों को महत्वपूर्ण शांति मिशन के लिए उन्हें चुनने में आसानी रही जिनमें सीआरपीएफ हर हाल में कामयाबी चाहता था। बता दें कि जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के हंदवाड़ा में आतंकियों के साथ पिछले तीन दिन से चल रही मुठभेड़ में दो आतंकी ढेर हुए हैं। वहीं 5 सुरक्षाकर्मी भी शहीद हुए हैं। शहीदों में सीआरपीएफ के तीन और जम्मू-कश्मीर पुलिस के दो जवान शामिल हैं।

मरने का ढोंग कर आतंकी ने की फायरिंग
सूत्रों के मुताबिक 1 मार्च को एनकाउंटर के दौरान पिंटू सिंह उस घर में घुसे थे जहां से आतंकी फायरिंग कर रहे थे। एक अधिकारी ने बताया, फायरिंग बंद हो चुकी थी तो हमने सोचा कि सभी आतंकी मर चुके हैं। इंस्पेक्टर पिंटू सिंह ने खुद ही अंदर जाने का फैसला किया। इतने में ही एक आतंकी जिसे हम मरा हुआ समझ रहे थे उसने उनको गोली मार दी।

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