
कोलकाता. साल्टलेक स्थित विकास भवन के समक्ष गुरुवार को प्रदर्शन के दौरान वामपंथी कर्मचारी संगठन राज्य को-ऑर्डिनेशन कमेटी समर्थक कर्मचारियों और पुलिस के बीच हाथापाई हुई। प्रदर्शनकारी पुलिस बेरिकेड हटाकर सरकारी कार्यालय में प्रवेश करना चाह रहे थे। क्रुद्ध भीड़ पर काबू पाने के लिए पुलिस को पसीना बहाना पड़ा। प्रदर्शनकारियों के हमले में विधाननगर साइबर क्राइम थाना के इंचार्ज समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए।
उल्लेखनीय है कि को-ऑर्डिनेशन कमेटी के आह्वान पर संगठन के नेता विजय शंकर सिन्हा के नेतृत्व में कर्मचारी प्रदर्शन कर रहे थे। वे छठें वेतन आयोग की अवधि बढ़ाने का विरोध कर रहे थे। संगठन का कहना है कि बकाया महंगाई भत्ता नहीं दिया गया है। छठें वेतन आयोग के गठन के दो साल बाद भी कर्मचारियों का वेतनमान तय नहीं किया गया है। अब वेतन आयोग की अवधि और एक साल के लिए बढ़ा दी है। कर्मचारी संगठन सरकार के इस निर्णय को नहीं मान रहे हैं।
मुख्यमंत्री का पुतला फूंका: राज्य को-ऑर्डिनेशन कमेटी के बैनर तले कर्मचारी साल्टलेक के करुणामयी से जुलूस निकाल कर विकास भवन तक आए। जुलूस के मयूख भवन तक आते ही पुलिस ने उनका रास्ता रोक दिया। प्रदर्शनकारी जबरन विकास भवन के भीतर प्रवेश करना चाह रहे थे।
को-ऑर्डिनेशन के नेताओं ने संगठन के एक प्रतिनिधि दल को वेतन आयोग के चेयरमैन से मुलाकात करने की मांग की पर पुुलिस ने उन्हें इसकी अनुमति नहीं दी। इससे नाराज होकर प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का पुतला फूंका।
बंगाल में चल रहा सरकार प्रायोजित आतंक-मुकुल
भाजपा नेता मुकुल राय ने गुरुवार को राज्य सरकार की ओर प्रायोजित आंतक चलाने का आरोप लगाया और केन्द्रीय गृह मंत्रालय से शिकायत की। उन्होंने कहा कि बंगाल में लोकतंत्र का माहौल नहीं है। वे कूचबिहार के शीतलकुची में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष को रोके जाने के विरोधस्वरूप अपनी बात कह रहे थे। राय ने कहा कि यहां के पुलिस अधीक्षक जिलासभापति हैं। तृणमूल कांग्रेस के नेता विरोधी दलों के नेताओं पर हमला करवा रहे हैं और पुलिस राजनीतिक प्रभु को खुश करने के लिए उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही है।
Published on:
17 Nov 2017 10:15 pm

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