23 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

west bengal : भैंसा लड़ाई प्रतियोगिता में गई एक जने की जान

पुरुलिया जिले के पारा थानान्तर्गत हातीमारा गांव में भैंसा लड़ाई प्रतियोगिता के दौरान बिफरे भैंसे की चपेट में आकर एक जन की मौत हो गई। प्रशासन प्रतिबंधित किए गए इस आयोजन से जुड़े लोगों से पूछताछ कर रही है। मृतक का नाम राठू बाउड़ी (52) है।

2 min read
Google source verification
west bengal : भैंसा लड़ाई प्रतियोगिता में गई एक जने की जान

भैंसा लड़ाई प्रतियोगिता

पुरुलिया जिले के पारा थानान्तर्गत हातीमारा गांव में भैंसा लड़ाई प्रतियोगिता के दौरान बिफरे भैंसे की चपेट में आकर एक जन की मौत हो गई। प्रशासन प्रतिबंधित किए गए इस आयोजन से जुड़े लोगों से पूछताछ कर रही है। मृतक का नाम राठू बाउड़ी (52) है। मिली जानकारी के मुताबिक प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग अपने अपने भैंसों को लेकर आए थे। प्रतियोगिता के दौरान उनमें से एक जने का भैंसा बेकाबू हो गया। बिफरे भैंसे ने राठू को अपनी चपेट में ले लिया। ग्रामीण उसे कुस्तौर प्रखंड प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।

वर्ष 2017 में प्रतिबंध, विरोध में आंदोलन

भैंसा लड़ाई प्रतियोगिता को पशु क्रूरता से जुड़ा मानते हुए जिला प्रशासन ने वर्ष 2017 में प्रतियोगिता पर प्रतिबंध लगा दिया था। जिसे इलाके की सांस्कृतिक विरासत के खिलाफ बताते हुए स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन किया था। वर्ष 2021 में भी ऐसी ही एक घटना में एक जन के मारे जाने के बाद पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया था।

प्रतियोगिता की आड़ में जुआ खेलने की शिकायत

इधर, पुलिस सूत्रों के मुताबिक भैंसा और मुर्गा लड़ाई प्रतियोगिता के बहाने जुआ खेलने की शिकायत भी मिली है। पुरुलिया के पुलिस अधीक्षक एस सेल्वमुर्गन ने कहा कि मामला दर्ज किया गया है। जांच की जा रही है।

संस्कार समिति बोली सुधार करेंगे

मानभूम संस्कृति रक्षा समिति के प्रमुख अजीतप्रसाद महतो ने दावा किया कि सांस्कृतिक विरासत बचाने की कठिन लड़ाई लड़ी जा रही है। वे प्रतियोगिता के नाम पर जुआ खेलने, दर्शकों के नशे की हालत में आने का समर्थन नहीं करते। उन्होने बताया कि भैंसा लड़ाई के कई मामलों में रसिक (भैंसा मालिक) आयोजकों के नियमों की अवहेलना करते हुए लड़ाई के दौरान अपनी भैंसों को छोड़ देते हैं। फलस्वरूप अराजक स्थिति उत्पन्न हो जाती है। बताया जा रहा है कि इसी के चलते यह हादसा हुआ है।