मलबे में दबकर पति गंभीर रूप से घायल
प्राथमिक उपचार के बाद पुत्र को अस्पताल से छोड़ा
कोलकाता. जोड़ाबागान थानान्तर्गत वार्ड नंबर 24 के पाथुरियाघाट स्ट्रीट स्थित जर्जर मकान का एक हिस्सा गिरने से महिला की मौत हो गई। उसका पति गंभीर रूप से घायल होकर अस्पताल में चिकित्साधीन है। वहीं पुत्र को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छोड़ दिया गया है। घटना बुधवार की रात करीब पौने 11 बजे हुई। जी प्लस फोर भवन के थर्ड फ्लोर की बालकनी और कमरे का हिस्सा भरभराकर गिर गया। बालकनी में मौजूद ईला अग्रवाल (48), अजय अग्रवाल (52) और कमरे में मौजूद राघव अग्रवाल (15) नीचे मलबे में फंस गए। घटना की जानकारी पुलिस, दमकल को दी गई। कोलकाता पुलिस के आपदा प्रबंधन समूह (डीएमजी) के सदस्य घटनास्थल पर पहुंचे। रात में जोर शोर से बचाव अभियान चलाया गया। बिल्डिंग के निवासियों और आसपास के युवकों ने भी अभियान में हिस्सा लिया। लगभग तीन घंटे के अभियान के बाद सबसे पहले राघव को मलबे से बाहर निकाला गया। उसे कोलकाता मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। उसके बाद उसके पिता अजय अग्रवाल को फिर मां ईला को बाहर निकाला गया। अस्पताल ले जाने पर ईला को मृत घोषित कर दिया गया। वहीं अजय को गंभीर हालत में कोलकाता मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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सौ साल पुरानी इमारत, रहते हैं 20 परिवार
कोलकाता नगर निगम व स्थानीय सूत्रों के मुताबिक इमारत सौ साल पुरानी है। जिसमें 20 परिवार रहते थे। ज्यादातर परिवार राजस्थान के शेखावटी इलाके के हैं। घटना के बाद निगम ने पूरा मकान खाली करा लिया है। सीइएससी की ओर से भवन का विद्युत कनेक्शन काट दिया गया है। निगम का अमला इलाके में तैनात है।
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पहुंचे मेयर, रात भर चला अभियान
इधर घटना की जानकारी मिलने पर मेयर फिरहाद हकीम गुरुवार को घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि जर्जर इमारत में रहना ठीक नहीं है। इसलिए आवास खाली करा लिए गए हैं। आवास के सामने खाली पड़ी जगह में टीन के अस्थाई निवास बनाए जा सकते हैं। जर्जर मकान को तोडक़र नया निर्माण किया जाएगा। नए भवन में रहवासियों को उनके कब्जे के बराबर जगह दी जाएगी।
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25 साल से नहीं हुई मरम्मत
जर्जर मकान के निवासी व मृत महिला के पड़ोसी सुनील शर्मा ने बताया कि घटना के बाद से सभी परिवार बाहर आ गए हैं। रात कहां काटेंगे यह समझ में नहीं आ रहा है। आसपास के मकानों में खाली कमरे में फिलहाल डेरा लगाना पड़ेगा। वहीं स्थानीय निवासी संदीप अग्रवाल और जानकी प्रसाद कालोया ने बताया कि मकान मालिक पन्ना देवी संथोलिया से 1999 में शोभा ट्रेडर्स नाम की कंपनी ने भवन को लीज पर ले लिया था। जिसके प्रमोटर प्रदीप अग्रवाल घटना के बाद से ही सुराग नहीं मिल रहा है। उनके भवन के लीज लेने के बाद से ही अब तक कोई मरम्मत का काम नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि लीज पर लेने वालों का मकसद भवन की प्रमोटिंग करना है। इसलिए वे किराएदारों से किराया भी नहीं लेते ताकि किराएदारों को डिफॉल्टर घोषित किया जा सके। उन्हें कई बार भवन की मरम्मत के लिए कहा गया लेकिन वे इसके लिए तैयार नहीं हुए। किराएदार खुद तो मरम्मत नहीं करा सकते। इसलिए हादसा हो गया। एक जना की जान चली गई।
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बारिश बनी आफत, खतरे में 1200 मकान
महानगर में पिछले कुछ दिनों से जारी हल्की मध्यम बारिश के कारण जर्जर मकानों में रहने वाले लोगों पर खतरा मंडरा रहा है। कोलकाता नगर निगम के मुताबिक शहर में 12 सौ से ज्यादा इमारतों को जर्जर घोषित किया गया है। इनमें से ज्यादातर इमारतें मध्य व उत्तर कोलकाता में आती हैं। पाथुरिया घाट स्ट्रीट में जिस जगह हादसा हुआ उससे कुछ ही दूरी पर कई मकानों में जर्जंर होने का बोर्ड लगा हुआ है। पास की एक इमारत सालों पहले इसी तरह ढह गई थी। वह अब भी वैसी ही हालत में पड़ी हुई है।