
. पिता ने बनाया था मासूम को हवस का शिकार
. रिश्तेदार की मदद से दर्ज कराई थी शिकायत
कोलकाता
नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म करने के आरोपी को महज 9 दिनों के भीतर सजा का निर्देश देकर कोलकाता की एक अदालत ने देश के सामने मिसाल पेश किया है। मासूम बच्ची के साथ अमानवीय अत्याचार उसके पिता ने की थी। बच्ची ने इस बारे में अपने एक रिश्तेदार को बताया था। फिर रिश्तेदार ने पिता-पुत्री के पवित्र रिश्ते को शर्मसार करने व्यक्ति के खिलाफ 11 मार्च को इंटाली थाना में एफअाईअार दर्ज कराई थी। बच्ची के मुताबिक 28 फरवरी को उसके पिता ने उससे दुष्कर्म किया था। मामला प्रकाश में आने के तीन दिन के भीतर जांच पक्रिया समाप्त कर 14 मार्च को आई ओ पी. बनर्जी ने आरोपी के खिलाफ सियालदा कोर्ट में चार्ज शीट पेश किया । 15 मार्च से पॉस्को मामले में ट्रायल शुरू हुआ। जुबेनाइल कोर्ट के न्यायाधीश ने 9 दिन के भीतर (20 मार्च 2018) आरोपी को 5 साल की सजा व 20 हजार रुपया जुर्माना या 3 महीने की अतरिक्त जेल का निर्देश दिया है। पॉस्को एक्ट मामले में इतना जल्दी जजमेंट भारत के किसी अदालत ने नहीं दिया है। पुलिस एवं अदालत के त्वरित कार्रवाई पर पीड़ित नाबालिग एवं उसके रिश्तेदारों ने संतोष जताया है। उनका कहना है कि अगर इस तरह से पुलिस अौर अदालत इस तरह की तत्परता के साथ काम करे तो कोई इस तरह का अपराध करने की हिमाकत नहीं करेगा। इससे पहले पॉस्को एक्ट मामले में नदिया जिला अदालत ने 12 दिन में आरोपी को सजा सुनाकर देश में एक नजीर पेश की।
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पॉस्को अन्य मामले में आरोपी को भी 10 साल की सजा
कोलकाता
पॉस्को एक्ट मामले में बारूईपुर महकमा अदलत ने एक आरोपी को 10 साल के सश्रम करावास के साथ 50 हजार रुपया जुर्माना भरने का निर्देश दिया है। नबालिक से दुष्कर्म करने के आरोप में पुलिस ने 10 जुलाई को 2017 को आरोपी को गिरफ्तार किया था। 20 मार्च को न्यायाधीश शैलेद्र कुमार सिंह ने आरोपी को 10 साल की सश्रम कारवास व 50 हजार जुर्माना भरने का निर्देश दिया है।
Published on:
21 Mar 2018 08:40 pm
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