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कोरोना के कहर से उबर रहा है प्रॉपर्टी मार्केट

- आठ बडे़ शहरों में फंसे डेढ़ लाख करोड़ रुपए के हाउसिंग प्रोजेक्ट
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कोलकाता

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Ashutosh Kumar Singh

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Updated: 30 Aug 2021, 11:14 PM IST

कोरोना के कहर से उबर रहा है प्रॉपर्टी मार्केट

कोरोना के कहर से उबर रहा है प्रॉपर्टी मार्केट

कोलकाता

देश भर मे प्रॉपर्टी बाजार कोरोना के कहर से धीरे-धीरे उबरने लगा है। हाल के कुछ महीनों में मकानों और दुकानों की बिक्री और नए प्रोजेक्ट की लांचिंग दोनों में वृद्धि हुई है। प्रॉपटी बाजार के सूत्रों के अनुसार चालू वर्ष में फ्लैट्स की विक्री बढ़ी है। हालांकि बाजार की स्थिति सामान्य नहीं हुई है,लेकिन सुधार जरुर हुआ है।

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बाजार के हालात मे सुधार

क्रेडाई बंगाल के अनुसार कोरोना काल में कोलकाता में प्रॉपटी बाजार में 17,869 करोड़ रुपए की पूंजी फंसी हुई थी। करीब 29 हजार यूनिट का निर्माण कार्य रूका हुआ था। अब जैसे-जेसे कोरोना के हालात में सुधार हो रहा है और जनजीवन सामान्य हो रहा है, वैसे-वैसे प्रॉपर्टी बाजार की स्थिति भी सुधर रही है। बाजार की दशा लगभग 70 प्रतिशत तक सुधार हुई है।

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वैल्यूएशनऔर स्टाम्प ड्यूटी में छूट से राहत

प्रॉपटी बाजार से जुड़े लोगों के अनुसार पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से वैल्यूएशन और स्टाम्प ड्यूटी में छूट दिए जाने से बाजार को स्पोर्ट मिला है। पश्चिम बंगाल सरकार ने वैल्यूनेशन में 10 प्रतिशत की कमी की है। इसके अलावा स्टाम्प ड्यूटी को 7 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया है। इस छूट का लाभ उठाने के लिए फ्लैट्स की रजिस्ट्री में बढ़ोतरी हुई है।

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रजिस्ट्री फी में लगभग 35 प्रतिशत की बचत
राज्य सरकार की ओर से दी गई छूट से खरीदारों को रजिस्ट्री खर्च में लगभग 35 प्रतिशत की बचत हो रही है। छूट का लाभ उठाने के लिए डेवलपर्स भी नए प्रजोक्ट्स के लिए जमीनें खरीद रहे हैं।

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डेढ़ लाख करोड़ रुपए अटके

लॉकडाउन के कारण कोलकाता, दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, समेत के देश के आठ बड़े शहरों में लगभग डेढ़ लाख करोड़ रुपए के हाउसिंग प्रोजेक्ट फंसे हुए हैं। दिल्ली में लगभग 1,63,077 करोड़, मुंबई में 1,52,105 करोड़, पुणे में 23,536 करोड़, हैदराबाद, चेन्नई और बेंगलुरु में 56,420 करोड़ रुपए की पूंजी फंसी हुई है।

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लागत में बढ़ोतरी से डेवलपर्स परेशान

श्रेष्ठा डेवलपर्स के निदेशक रवि जायसवाल ने बताया कि कोरोना में कमी आने से फ्लैट्स की विक्री मे तेजी आई है, लेकिन निर्माण लागत में बढ़ोतरी से परेशानी हो रही है। डीजल-पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि, ओवरलोड माल ढुलाई पर सरकार की सख्ती से भवन निर्माण सामग्रियों की कीमतें बढ़ी है। इससे निर्माण लगात में प्रति स्कवायर फीट 200 से 225 रुपए तक की वृद्धि हुई है। जिन फ्लैट्स की बुकिंग पहले हो चुकी है और निर्माण कार्य अब तक पूरा नहीं हुआ है, उनमें नुकसान हो रहा है।

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फलैट्स की बिक्री मे तेजी

प्रॉपर्टी कंसल्टेंसी कंपनी नाइट फ्रैंक की रिपोर्ट के अनुसार चालू वर्ष के पहले तीन महीने में देश के आठ बड़े शहरों कोलकाता, दिल्ली, मुंबई, पुणे, बेंगलुरु, चेन्नई, हैदराबाद, अहमदाबाद में 71,963 फलैट्स बिके है। साथ ही 76,006 नई यूनिट लांच की गई हैं। फ्लैट्स बिक्री के मामले में मुंबई और पुणे शहर आगे हैं।

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2022 में और बेहतर होगा बाजार

सिद्धेश्वरी कंट्रक्शन के निदेशक मंडल के सदस्य बासुदेव चक्रवती ने कहा कि साल 2022 में प्रॉपटी बाजार और बेहतर होगा। सरकार को वैल्यूएशन और स्टाम्प ड्यूटी में कटौती, होम लोन पर ब्याज दर में कटौती जारी रखना चाहिए। इससे प्रॉपटी बाजार में तेजी बरकरार रह सकेगी।

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"प्रॉपटी बाजार की हालत में बंगाल समेत पूरे देश में तेजी से सुधार आ रहा है। अगर कोरोना की तीसरी लहर ज्यादा प्रभावी नहीं हुई तो अगले साल तक प्रॉपटी बाजार मे फिर से बहार आ जाएगी।"
नंदु बेलानी, अध्यक्ष, क्रेडाई बंगाल

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