महानगर की सड़क पर उतरीं दो पार्टियां
कोलकाता. नई दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर पहलवानों के साथ कथित मारपीट के विरोध में बुधवार को कोलकाता में कुश्ती देखी गई। दो पार्टियों ने सड़क पर उतरकर विरोध जताया। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सड़क पर उतर आईं। उन्होंने रैली की। रैली शहर के दक्षिणी हिस्से में हाजरा रोड से शुरू होकर रवींद्र सदन तक गई। इस दौरान वे अपने हाथ में एक तख्ती ले रखी थी जिस पर हम न्याय चाहते हैं, लिखा था। दूसरी तरफ माकपा से जुड़ी गणतांत्रिक महिला संगठन ने भी रैली निकालकर विरोध जताया।
ममता ने आरोप लगाया कि पहलवानों को बुरी तरह पीटा गया। इससे विश्व स्तर पर देश की छवि धूमिल हुई है। मैं उनके साथ हूं। मैंने उनसे कहा है कि वे अपना आंदोलन जारी रखें। उन्होंने कहा कि हमारी एक टीम पहलवानों से मुलाकात करने जाएगी और उन्हें समर्थन देगी। हम आपके साथ हैं इसलिए हमने यह रैली निकाली। रैली में उन्होंने कहा कि यह शर्म की बात है कि पहलवान अपने पदक बहाने गंगा नदी के तट पर भी गए।
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गिरफ्तारी की मांग का किया समर्थन
ममता ने कहा कि हम यौन उत्पीडऩ के आरोपी व्यक्ति की तत्काल गिरफ्तारी की पहलवानों की मांग का समर्थन करते हैं। इस मुद्दे पर हमारा आंदोलन आने वाले दिनों में भी जारी रहेगा। यह शर्म की बात है कि देश के लिए सम्मान लाने वाले हमारे पहलवान इस तरह के अपमान का सामना कर रहे हैं। हमारा पूरा समर्थन और एकजुटता उनके प्रति है। पहलवान भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। उन पर कई महिला पहलवानों का यौन उत्पीडऩ करने का आरोप है।
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रास्ते में मिला सरप्राइज
सीएम ने राज्य के खेल मंत्री अरूप विश्वास को विरोध रैली आयोजित करने की पहले ही सलाह दी थी। शाम करीब 4 बजे विरोध रैली शुरू होने से ठीक पहले विश्वास ने घोषणा की कि रास्ते में सबको सरप्राइज मिलेगा। जब रैली भवानीपुर क्षेत्र में पहुंची, तो मुख्यमंत्री वी वांट जस्टिस की तख्ती के साथ रैली में शामिल हुई। ममता पहलवानों के साथ दुव्र्यवहार के बारे में मुखर रही हैं।