
कोलकाता.
पश्चिम बंगाल सरकार राशन व्यवस्था तथा जन वितरण प्रणाली को सुदृढ़ बनाने के लिए जोरदार पहल करने जा रही है। खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकृत राशन दुकानों से उपभोक्ता को चावल, गेहूं, चीनी और बिस्कुट जैसे सामान उपलब्ध होता था। राज्य सरकार अब ब्रांडेड कम्पनियों के विभिन्न सामग्री राशन दुकानों के माध्यम से लोगों तक पहुंचाने का निर्णय लिया है। अगले वित्त वर्ष यानी अप्रेल से उपभोक्ता को राशन दुकानों से अनाज के अलावा नामी दामी कम्पनियों के उत्पाद आसानी से मिल सकेगा। राज्य सचिवालय के सूत्रों ने बताया कि खाद्य आपूर्ति विभाग ने फ्यूचर ग्रुप नामक कम्पनी के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किया है। उक्त कम्पनी देश भर के विभिन्न शॉपिंग मॉल में सप्लाई चेन का काम करती है। राज्य के खाद्य आपूर्ति विभाग के मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक ने बताया कि उक्त कम्पनी 500 से अधिक नामी दामी कम्पनियों के विभिन्न उत्पादों की राशन दुकानों में सप्लाई करेगी। जो खुले बाजार के मुकाबले सस्ते दर में लोगों तक पहुंचाया जाएगा। खाद्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार नामी कम्पनियों के साबून, टूथ पेस्ट, हेयर ऑयल,वनस्पति तेल, मसाले, शीतल पेय समेत करीब 500 उत्पादों की सप्लाई होगी। खाद्य विभाग ने उसकी सूची भी तैयार कर लिया है। खाद्य आपूर्ति मंत्री ने बताया कि डिजिटल कार्ड धारकों के अलावा पुराने सफेद कागज वाले कार्ड धारक भी इसका लाभ उठा सकेंगे।
जनवितरण प्रणाली को दुरुस्त करना उद्देश्य-
राज्य के खाद्य आपूर्ति विभाग के मंत्री मल्लिक के अनुसार सरकार जनवितरण प्रणाली को दुरुस्त करने को प्राथमिकता दे रही है। वर्तमान समय में लोगों में बड़े बड़े शॉपिंग मॉल से विभिन्न कम्पनियों के उत्पाद खरीदने की ललक होती है। अनाज से लेकर आटा, मैदा, बेसन समेत अन्य कम्पनियों के पैकेट बंद उत्पाद पर लोगों की निगाहें रहती है। खाद्य विभाग का कहना है कि सरकार हर स्तर के कार्ड धारकों को राहत पहुंचाने का पक्षधर है।
Published on:
26 Feb 2018 11:07 pm
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