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पश्चिम बंगाल मेंं 14 को ही होंगे पंचायत चुनाव

ई-नामांकन संबंधी हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली राज्य निर्वाचन आयोग की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी।

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पश्चिम बंगाल मेंं 14 को ही होंगे पंचायत चुनाव
- ई- नामांकन पर हाईकोर्ट के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट का रोक
नई दिल्ली.

कानूनी पचड़े में फंसा 14 मई को होने वाले पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव का रास्ता साफ हो गया। ई-नामांकन स्वीकार करने संबंधी कलकत्ता हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली राज्य निर्वाचन आयोग की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को रोक लगा दी। सुप्रीम कोर्ट ने आयोग को निर्देश दिया है कि वह कोर्ट के आदेश के बिना 34 फीसदी उन उम्मीदवारों के नतीजे घोषित नहीं करेगा, जिनके खिलाफकोई प्रत्याशी खड़ा नहीं हुआ है। कोर्ट ने कहा है कि पूर्व घोषित अधिसूचना के अनुसार पश्चिम बंगाल में त्रिस्तरीय पंचायतों के चुनाव 14 मई को ही होंगे। सर्वोच्च अदालत ने कहा कि हाईकोर्ट कैसे जनप्रतिनिधि कानून में सूचना व तकनीक को जोड़ सकता है। कोर्ट ने राज्य निर्वाचन आयोग और ममता बनर्जी सरकार से भयमुक्त, निष्पक्ष और निर्विघ्न चुनाव सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने माकपा, भाजपा और कांग्रेस को नोटिस भी जारी किया है। अब इस मामले पर अगली सुनवाई ३ जुलाई को होगी। उल्लेखनीय है कि आयोग ने पश्चिम बंगाल पंचायत चुनाव में ई-नामांकन स्वीकार करने को लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट से न्याय की गुहार लगाई थी। राज्य निर्वाचन आयोग नेे सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्र की पीठ में स्पेशल लीव पीटिशन (एसएलपी) दाखिल किया था। इधर, भाजपा और माकपा ने भी सुप्रीम कोर्ट में मामले से संबंधित कैविएट फाइल किया था, ताकि सुप्रीम कोर्ट आयोग की अपील पर एकतरफा फैसला न सुनाए।
ममता बनर्जी सरकार को झटका-
सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में ये भी कहा है कि राज्य निर्वाचन आयोग ऐसे उम्मीदवारों को विजयी घोषित न करे, जहां किसी और पार्टी के उम्मीदवार नामांकन न कर पाए हों। तृणमूल कांग्रेस के करीब 18 हजार उम्मीदवार हैं। सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला ममता बनर्जी और उनकी पार्टी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। उल्लेखनीय है कि करीब ३४ फीसदी सीटों पर तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवारों को निर्विरोध रहे हैं।
हाईकोर्ट ने सुनाया था फैसला-
कलकत्ता हाईकोर्ट में न्यायाधीश विश्वनाथ समाद्दार की खंडपीठ ने माकपा की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए मंगलवार को ई-मेल से दाखिल नामांकन को लेकर फैसला सुनाया था। अदालत ने अपने फैसले में राज्य निर्वाचन आयोग को यह निर्देश दिया था कि 23 अप्रैल, अपरान्ह 3 बजे तक जितने भी माकपा प्रत्याशियों ने ई-मेल से नामांकन किए हैं उन्हें स्वीकार किए जाएं। आयोग ने फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की है।