कोलकाता

पश्चिम बंगाल से मेधावी विद्यार्थी कर रहे पलायन

- राज्य में अच्छे अवसरों की कमी, दूसरे राज्यों की ओर रुख- वहीं दूसरे राज्यों के विद्यार्थी पढ़ रहे राज्य में

less than 1 minute read
Jun 03, 2019
पश्चिम बंगाल से मेधावी विद्यार्थी कर रहे पलायन

कोलकाता

पश्चिम बंगाल से मेधावी छात्र लगातार पलायन करते जा रहे हैं। उच्च शिक्षा के लिए हर वर्ष हजारों की संख्या में छात्र पश्चिम बंगाल को छोड़कर दूसरे राज्यों में पढ़ाई करने जा रहे हैं। राज्य सरकार की ओर से १२वीं के नतीजों के बाद मेधावियों को सम्मानित किया जाता है, उन्हें हर प्रकार के सहयोग का आश्वासन भी दिया जाता है इसके बावजूद छात्रों का पलायन जारी है।

राज्य में अच्छे अवसरों की कमी, दूसरे राज्यों की ओर रुख

शिक्षाविद प्रो. अजय कुमार राय का कहना है कि राज्य में अच्छे अवसरों की कमी के कारण विद्यार्थी दूसरे राज्यों में पढऩे के लिए चले जाते हैं। आईसीएसई, सीबीएसई समेत पश्चिम बंगाल उच्च माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के मेधावी अच्छे अवसरों के लिए बाहर जाते हैं। विद्यार्थियों की पसंद दिल्ली आईआईटी, आईआईएम दिल्ली, बैंगलुरू आईआईटी, आईआईटी मुम्बई, आईआईटी अहमदाबाद, आईआईटी कोटा, मेडिकल की पढ़ाई के लिए एम्स दिल्ली, एम्स जोधपुर, अन्य विषयों के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय, सहित कई संस्थान शामिल हैं। वहीं दूसरी ओर से राज्य में परीक्षा के नतीजे देर से निकलने के कारण भी मेधावियों क ो बंगाल से बाहर जाना पड़ा रहा है।

पबं संयुक्त प्रवेश परीक्षा में 41 फीसदी छात्र बाहर के
पश्चिम बंगाल से मेधा पलायन के परिप्रेक्ष्य में आंकड़ों को देखे तो पता चलता है कि 40 फीसदी छात्र उच्च शिक्षा के लिए राज्य छोड़कर बाहर चले जाते हैं। संयुक्त प्रवेश परीक्षा बोर्ड पश्चिम बंगाल के चेयरमैन मयलेंदु साहा ने बताया कि संयुक्त प्रवेश परीक्षा में वर्ष 2019 में 41 फीसदी विद्यार्थी दूसरे राज्यों के थे। जिनमें मुख्य रूप से बिहार, झारखंंड, राजस्थान, त्रिपुरा, असम, मेघालय, मध्यप्रदेश ,उत्तर प्रदेश के विद्यार्थी शामिल हैं। पिछले पांच सालों में 15 फीसदी बाहरी छात्रों से आंकड़ा बढ़कर आज 41 फीसदी हो गया है।

Published on:
03 Jun 2019 02:58 pm
Also Read
View All

अगली खबर