चार दिवसीय सूर्योपासना के चौथे दिन सोमवार सुबह उगते सूर्य को अघ्र्य देने के लिए विभिन्न घाटों पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। आस्था की बयार के बीच घाटों पर मेले सा दृश्य रहा। छठ व्रतियों ने मां प्रकृति के प्रति अपनी अनन्य श्रद्धा प्रकट करते हुए सूर्य को दूसरा अघ्र्य अर्पित किया। व्रतियों ने प्राचीनतम भारतीय संस्कृति के प्रतीक महापर्व पर भगवान सूर्य और छठी मईया से परिवार, राज्य, देश के लोक कल्याण का आशीर्वाद मांगा।