कोलकाता

बंगाल में किशोरियों को लेकर स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों ने डराया

राज्य की हर 6 किशोरियों मेें से 1 गर्भवती

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Feb 11, 2023
प्रतिकात्मक

कोलकाता. पश्चिम बंगाल में स्वास्थ्य महकमे की ओर से किशोरियों को लेकर जारी किए आंकड़ों ने डरा दिया है। दरअसल हेल्थ विभाग की रिपोर्ट में राज्य की हर 6 किशोरियों मेें से 1 गर्भवती है। राज्य के स्वास्थ्य विभाग के पोर्टल मातृमा में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार राज्य में छह में से एक गर्भवती किशोरी है। डॉक्टरों ने किशोर अवस्था में गर्भवती होने की दर को लेकर ङ्क्षचता जताई है। एक वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा कि किशोर माताओं को गर्भावस्था के दौरान उच्च स्वास्थ्य जोखिम और प्रसव के दौरान जीवन जोखिम का सामना करना पड़ता है। समय से पहले जन्म और अन्य नवजात जटिलताओं का खतरा रहता है।

ये समस्याएं करतीं पैदा
महिला रोग विशेषज्ञ इंद्रनील साहा का कहना है कि किशोर गर्भावस्था हाई बीपी, प्री-एक्लेमप्सिया और प्री-टर्म जन्म सहित कई समस्याएं पैदा करती है। बच्चे के जन्म के बाद भी नवजात शिशु का वजन कम हो सकता है और सांस लेने में तकलीफ और पीलिया हो सकता है। एक्लम्पसिया और एनीमिया के कारण बच्चे के साथ-साथ मां की जान को भी खतरा होता है।

21 साल की उम्र बेहद मुफीद
रिपोर्ट के अनुसार राज्य में लगभग 17 फीसदी गर्भवती किशोरी हैं, जबकि बंगाल में विवाहित महिलाओं में उनकी संख्या 4 फीसदी है। एक किशोरी के लिए 18 या 19 साल की उम्र में शादी करना कानूनी है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग बार-बार इस चीज को लेकर सही ठहराता है कि इसके लिए 21 साल की उम्र बेहद मुफीद है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक गर्भावस्था के बाद मां और बच्चे दोनों के लिए 21 की उम्र में जान का जोखिम कम रहता है।
काउंसलिंग करने का निर्देश

मातृमा पोर्टल पर प्रकाशित डेटा से यह भी पता चलता है कि सितंबर 2022 में बंगाल में 4 लाख किशोर जोड़े थे। पिछले हफ्ते एक बैठक के दौरान स्वास्थ्य अधिकारियों को इस वर्ग की काउंसलिंग करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही जोड़ों को इस बात को मनाने के लिए कहा गया कि वे गर्भ निरोधकों का उपयोग करें।

परामर्श के माध्यम से पहल
सकारात्मक पक्ष की बात करें तो सरकारी आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले साल की तुलना में गर्भनिरोधक उपयोग में 5 फीसदी की वृद्धि हुई है। दरअसल जनवरी 2022 में केवल 50 फीसद किशोर जोड़े ही गर्भ निरोधकों का उपयोग करते थे। वहीं जनवरी, 2023 में यह आंकड़ा बढक़र 55 फीसद हो गया। स्वास्थ्य भवन अब किशोर गर्भावस्था को कम करने के लिए परामर्श के माध्यम से पहल को और जोर देना चाहता है।

Published on:
11 Feb 2023 01:00 am
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