
- संजय राय की मौत के मामले में वेस्ट बंगाल मेडिकल काउंसिल का फैसला
- अस्पताल पर लापरवाही बरतने और अधिक रुपए का बिल बनाने का आरोप
कोलकाता
वर्ष 2017 के चर्चित संजय राय मौत मामले में वेस्ट बंगाल मेडिकल काउंसिल ने कोलकाता के ईएम बाईपास इलाका स्थित अपोलो अस्पताल के दो डॉक्टरों उषा गोयनका एवं श्यामल सरकार को दोषी करार देते हुए उनके लाइसेंस को अस्थाई तौर पर रद्द कर दिया। उषा गोयनका का लाइसेंस एक साल के लिए तथा श्यामल सरकार का लाइसेंस छह महीने के लिए रद्द किया गया है। हुगली जिले के डानकुनी इलाके के संजय राय पिछले साल के जनवरी महीने के अंत में सडक़ हादसे में बुरी तरह से घायल हुए थे। उन्हें इलाज के लिए अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था। एक पखवाड़े से भी अधिक दिन के इलाज के बाद संजय की मौत हो गई थी। परिजनों ने संजय की मौत के लिए डॉक्टरों की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराते हुए शिकायत दर्ज कराई। साथ ही अधिक रुपए का बिल बनाने के लिए अमानीय हथकंडा अपनाने का आरोप लगाया। इस संबंध में उनकी ओर से फूलबागान थाने में भी एफआईआर दर्ज कराई गई थी। काउंसिल का कहना है कि जांच में संजय के परिजनों केआरोप सच साबित हुए। इलाज में लापरवाही से ही संजय की मौत हुई थी। इसलिए उक्त दोनों डॉक्टरों को दंडित करने का फैसला किया गया।
-----
कार्रवाई से संतुष्ट नहीं परिजन
संजय राय के परिजन वेस्ट बंगाल मेडिकल काउंसिल की इस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं। संजय राय की पत्नी रूबी राय ने कहा कि उक्त दोनों डॉक्टरों ने जितना बड़ा गुनाह किया है। उसके हिसाब से यह सजा बहुत कम है। वह इनके लिए कठोर सजा चाहती है। इसके लिए वह अदालत का दरवाजा खटखटाएगी। संजय राय की मां ने कहा कि जब तक दोषियों को कठोर सजा नहीं मिलेगी, उनको शांति नहीं मिलेगी।
-----
चुप है अस्पताल प्रबंधन
मामले पर अपोलो अस्पताल प्रबंध चुप है। इस बारे में अभी तक अस्पताल प्रबंधन अथवा डॉक्टर उषा गोयनका एवं श्यामल सरकार ने कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की है।
Published on:
29 Mar 2018 09:52 pm

बड़ी खबरें
View Allकोलकाता
पश्चिम बंगाल
ट्रेंडिंग
