
ममता के तोड़ में किसी महिला नेता को प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बनाने की अटकलें
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद लोकसभा चुनाव में अपेक्षित सफलता नहीं मिलने के बाद भाजपा राज्य की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी का तोड़ निकालने में लगी है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार के केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने के बाद उपयुक्त और योग्य नेता को प्रदेश अध्यक्ष बनाने की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। किसी ऐसी महिला नेता को प्रदेश अध्यक्ष की कमान देने की अटकलें तेज हो गई हैं, जो ममता बनर्जी को टक्कर दे सके।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बनने वालों की दौड़ में पार्टी की दो हेवीवेट महिला नेताओं के नाम सबसे आगे हैं। इनमें पूर्व केन्द्रीय मंत्री देवश्री चौधरी का नाम सबसे आगे है। वे 2019 में उत्तर दिनाजपुर जिले के रायगंज लोकसभा क्षेत्र से चुनाव जीतकर पहली बार संसद पहुंची और पीएम मोदी की पिछली सरकार में मंत्री थीं। इस बार पार्टी ने उन्हें कोलकाता दक्षिण लोकसभा क्षेत्र के चुनावी मैदान में उतारा लेकिन, वे तृणमूल की माला रॉय से चुनाव हार गईं। आरएसएस से निकटता के कारण देवश्री प्रदेश अध्यक्ष बनने की दौड़ में आगे हैं।
प्रदेश अध्यक्ष बनने की दौड़ में एक और पूर्व सांसद लॉकेट चटर्जी का भी नाम है। हुगली की पूर्व सांसद लॉकेट संसदीय स्थायी समिति की अध्यक्ष की भूमिका में थीं। इस बार वे हुगली लोकसभा क्षेत्र से तृणमूल की रचना बनर्जी से हार गईं। फिर भी प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बनने की उनकी संभावना अधिक जताई जा रही है। लॉकेट प्रदेश महिला मोर्चा की अध्यक्ष रह चुकी हैं लेकिन, प्रदेश भाजपा नेताओं ने इस बारे में चुप्पी साध रखी है। सूत्रों ने बताया कि भाजपा अगले सप्ताह दिल्ली में संगठनात्मक बैठक कर सकती है। बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के शामिल होने और हारे हुए सांसदों और उम्मीदवारों को बुलाया जा सकता है। उसी बैठक में पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष के नाम पर मुहर लग सकती है।
भाजपा ने कार्यकाल समाप्त होने से पहले 21 सितम्बर, 2021 को अचानक कद्दावर नेता दिलीप घोष को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटा दिया था। बालूरघाट से सांसद सुकांत मजूमदार को पार्टी का नया प्रदेश अध्यक्ष घोषित किया गया। घोष ने 2019 के लोकसभा चुनाव में 18 सीटों पर जीत दिलाकर पार्टी में अपना दबदबा बनाया था। संगठनात्मक चुनाव में वे दूसरी बार अध्यक्ष चुने गए लेकिन, 2021 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को अपेक्षित सफलता नहीं मिलने और उसके बाद पार्टी को बचाए रखने में विफलता के कारण केंद्रीय नेतृत्व दिलीप से नाराज हो गया।
Published on:
13 Jul 2024 08:14 pm

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