
कलकत्ता हाईकोर्ट के जस्टिस को टीएमसी प्रवक्ता की सलाह - इस्तीफा देकर राजनीति में आ जाओ
क्या है मामला ?
दरअसल कलकत्ता हाईकोर्ट के जस्टिस (kolkata highcourt justice) अभिजीत गंगोपाध्याय की पीठ शुक्रवार को कोविड से हुई मौतों के मुआवजे से जुड़े एक मामले पर सुनवाई कर रही थी। परगना के नलबरा प्राइमरी स्कूल के टीचर विभूति कुमार की 1 अगस्त 2020 को कोविड संक्रमण की वजह से मृत्यु हो गई थी। विभूति कुमार की मौत के बाद उनकीं पत्नी दीप्ती ने मृतक आश्रित कोटे से नौकरी नहीं मिलने पर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
इसी केस की सुनवाई के दौरान जस्टिस गंगोपाध्याय ने कहा कि राज्य में शराब से मौत होने पर 2 लाख का मुआवजा दिया जाता है। कोविड से मौत होने पर कितनो को मुआवजा दिया गया ?
इसके बाद उन्होंने इशारो में कहा कि एक भाइपो (bhaipo) है जिसके पास 1 करोड़ रूपए का 4 मंजिला घर है। इसके बाद उन्होंने सवाल किया कि उसके पास इतना पैसा कहां से आया?
ऐसा कहके उन्होंने केस की तारीख को 28 सितम्बर के लिए सूचीबद्ध कर दिया।
भाइपो (bhaipo) की टिपण्णी पर भड़के घोष
जस्टिस गंगोपाध्याय (kolkata highcourt justice) की भाइपो (bhaipo) वाली टिप्पणी पर नाराजगी व्यक्त करते हुए तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता (TMC Spokeperson) कुणाल घोष ने अपने ट्विटर अकाउंट पर ट्वीट करते हुए लिखे कि जज की कुर्सी पर बैठकर आप जो चाहें कह सकते हैं? क्या उस कुर्सी से राजनीति टिप्पणी की जा सकती है? क्या ऐसा करके विपक्ष की मदद की जा सकती है? क्या कोई न्यायपालिका के लिए हानिकारक तरीके से कार्य करना जारी रख सकता है? क्या कोई न्यायिक ढाल का इस्तेमाल अफवाह फैलाने के लिए कर सकता है? वह ( जस्टिस अभिजीत गंगोपाध्याय) इस्तीफा दें और राजनीति में शामिल हो जाएं।
आपको बता दें कि बंगाली में भतीजे को भाइपो (bhaipo) कहते है और बीजेपी के नेता सुवेंदु अधिकारी अक्सर ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी को भाइपो कहकर उनपे निशाना साधते है। जस्टिस अभिजीत गंगोपाध्याय (kolkata highcourt justice) की टिप्पणी को ईडी द्वारा शिक्षक भर्ती घोटाले में अभिषके बनर्जी को तलब करने से जोड़कर देखा जा रहा है।
TMC Spokeperson advised Kolkata highcourt justice to resign and to join politics
Published on:
23 Sept 2023 07:37 pm

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