
निकटता और मैत्री बंगाल की ताकत-ममता
-कहा, लोगों में धार्मिक समानता जरूरी
कोलकाता.
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि निकटता और मैत्री बंगाल की ताकत है। सभी धर्मों के त्योहारों को अति उत्साह के साथ मनाना हमारी संस्कृति रही है। मुख्यमंत्री सोमवार को महालया के अवसर पर उत्तर कोलकाता के बागबाजार सार्वजनीन दुर्गापूजा पंडाल का आगाज करने के अवसर पर बोल रही थीं। इससे पहले उन्होंने कालीघाट, नाकतला सहित कई अन्य पंडालों में खुद अपने हाथों से दुर्गा की प्रतिमा के नेत्र बनाए। शास्त्र के अनुसार मूर्तिकार महालया के दिन देवी की प्रतिमा के नेत्र को रंगों से भरते हैं। ममता ने कहा कि धर्म सबका अपना-अपना होता है पर उत्सव सब के लिए है। उत्सव के दिनों में हम एक साथ मिलकर मनाते हैं। दुर्गापूजा पर उन्होंने राज्य के लोगों से धार्मिक समानता बनाए रखने का आह्वान किया। बागबाजार सार्वजनीन दुर्गापूजा पंडाल में स्थापित एक ढांचे में गढ़ी गई मां दुर्गा और उनके चार बच्चों की प्रतिमाओं का वर्णन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मूर्तिकार ने आदिकाल की परम्परा की याद को ताजा कर दिया है। मां दुर्गा केवल नारी शक्ति ही नहीं बल्कि अशुभ शक्ति का विनाश कर शुभ शक्ति का संचार करने वाली हैं। देवी दुर्गा आस्था की प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि हम सभी धर्मों का समान रूप से सम्मान करते हैं। हिन्दू, मुस्लिम, सिख, इसाई सभी अपने स्तर पर अपने अपने धर्मों का पालन करते हैं पर उत्सव हम सब के लिए है। जहां राज्य के हर वर्ग के लोग एकसाथ उत्साहपूर्वक मनाते हैं। मुख्यमंत्री ने आधिकारिक तौर पर महालया के दिन से ही दुर्गापूजा पंडालों का आगाज करना शुरू कर दिया। उन्होंने सोमवार को दक्षिण कोलकाता के नाकतला उदयन संघ, चेतला अग्रणी संघ क्लब, 95 पल्ली, जोधपुर पार्क और कालीघाट स्थित पूजा पंडालों का द्वारोद्घाटन किया। इस अवसर पर पूर्व न्यायाधीश श्यामल कुमार सेन, सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय, राज्य के उपभोक्ता मामलों के मंत्री साधन पांडे, नारी व शिशु कल्याण विभाग की मंत्री डॉ. शशि पांजा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।
Published on:
08 Oct 2018 09:02 pm

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