
पश्चिम बंगालः अब लोकसभा सांसद बनने का सपना देख रहे दागी उम्मीदवार
कोलकाता.
देश में लोकतंत्र का हश्र यह है कि संसद के निचले सदन लोकसभा के सदस्य बनने के लिए अब आपराधिक छवि वाले लोग भी चुनाव मैदान में उतरे हुए हैं। पश्चिम बंगाल में लोकसभा चुनाव के चौथे चरण में ऐसे 12 उम्मीदवार हैं जिन पर हत्या, अपहरण, बलात्कार जैसी संगीन आपराधिक मामले लम्बित हैं। लोकतंत्र की मजबूती के लिए ये कितने कारगर साबित होंगे, यह आने वाला दिन बताएगा। निर्वाचन आयोग ने लंबे समय से राजनीतिक दलों से यह आग्रह करता आ रहा है कि वे साफ छवि वाले व्यक्ति को उम्मीदवार बनाए। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म (एडीआर) और वेस्ट बंगाल इलेक्शन वॉच के हाल के सर्वे से स्पष्ट है कि राज्य में चौथे चरण के चुनाव में इतने दागी उम्मीदवार मैदान में हैं। जिन्हें जनता चुनकर हाउस ऑफ लॉ का सदस्य बनाएगी।
इस चरण में कुल 68 उम्मीदवारों में 14 के खिलाफ आपराधिक मामले लम्बित हैं। इनमें से 12 के खिसाफ हत्या, अपहरण, बलात्कार सहित अन्य गंभीर मामले विभिन्न अदालतों में विचाराधीन है। इनमें सबसे अधिक माकपा के छह, भाजपा के 4, तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस के एक-एक और 2 निर्दलीय उम्मीदवार शामिल हैं। इस संदर्भ में इलेक्शन वॉच की संयोजक ने बताया कि चुनाव में आपराधिक छवि वाले उम्मीदवारों को टिकट देने से राजनीतिक दलों को बाज आने की बात कही गई थी, पर लोकसभा चुनाव से चौथे चरण में लडऩे वाले उम्मीदवारों के हलफनामे से स्पष्ट है कि इस मुद्दे पर राजनीतिक दल उदासीन हैं।
Published on:
28 Apr 2019 04:35 pm
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