कोलकाता। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल (governor) सी वी आनंद बोस ने रविवार को राज्य में स्थित विश्वविद्यालयों के अंतरिम कुलपतियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बैठक की जिसमें उन्होंने उच्च शिक्षण संस्थानों के सामने आने वाले शैक्षणिक और प्रशासनिक मुद्दों पर चर्चा की। west bengal governor instructions to strengthening anti ragging cells in state universities
विश्वविद्यालयों में एंटी रैगिंग सेल (anti ragging cell) को मजबूत बनाने का दिया निर्देश
सूत्रों के अनुसार राज्यपाल (governor) ने छात्रों के सर्वोत्तम हित को ध्यान में रखते हुए संस्थानों को चलाने के तरीकों के बारे में बात की।
राज्यपाल (governor) ने अंतरिम कुलपतियों को अपने-अपने विश्वविद्यालयों में अन्य चीजों के अलावा रैगिंग रोधी समितियों (anti ragging cell) को मजबूत बनाने, पारदर्शी प्रवेश प्रक्रिया और अंततः समय पर परीक्षा और परिणामों को जारी करने का निर्देश दिया।
साथ ही उन्होंने जहाँ तक संभव हो मातृभाषा में ही शिक्षा प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित करने को कहा। उन्होंने कुलपतियों को आश्वासन दिया कि वह विभिन्न प्रतिष्ठित विदेशी विश्वविद्यालयों के साथ राज्यों के विश्वविद्यालयों का शैक्षणिक गठजोड़ सुनिश्चित करने का प्रयास करेंगे।
राजभवन बनाम राज्य सरकार
राजभवन के एक सूत्र के मुताबिक बैठक में कुल 22 अंतरिम कुलपतियों ने हिस्सा लिया जिन्हें राज्यपाल (governor) द्वारा मई से नियुक्त किया गया था।
आपको बता दें कि बोस ने राज्य सरकार से परामर्श किए बिना 16 विश्वविद्यालयों के अंतरिम कुलपतियों की नियुक्ति को मंजूरी दी थी। राज्यपाल (governor) के इस फैसले की राज्य के शिक्षा मंत्री ने आलोचना की थी। इसके बाद से ही राज्य सरकार और राजभवन के बीच तल्खियां और बढ़ गई थी।
इससे पहले भी सितम्बर की शुरुआत में राज्यपाल (governor) ने राज्य विश्विद्यालयों के कुछ कुलपतियों और शिक्षाविदों पर भ्रष्टाचार और यौन शोषण के आरोप लगाए थे जिसके बाद टीएमसी समर्थित इन शिक्षाविदों ने राज्यपाल के इस बयान के विरोध में विश्विद्यालय के गेट पर धरना दिया था।
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