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West Bengal news hindi: पश्चिम बंगाल के गिरफ्तार मंत्री ज्योतिप्रिय मलिक की बेटी ने ट्यूशन से कमाए 3.4 करोड़

राशन घोटाले में गिरफ्तार पश्चिम बंगाल (west bengal) के वन मंत्री ज्योतिप्रिय मलिक (jyotipriya malick) की मुसीबतें कम होती नहीं दिख रहीं हैं। हाल ही में ईडी (ED) को पता चला हैं कि मंत्री की बेटी के खाते में नोटबंदी के बाद करीब 3.37 करोड़ रूपए ट्रांसफर किए गए। वह पेशे से शिक्षक हैं और उनका कहना हैं कि यह रकम उन्होंने ट्यूशन से कमाकर जमा की हैं। West Bengal minister jyotipriya malick daughter says she earned 3.4 crores from tutions

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West Bengal news hindi: पश्चिम बंगाल के गिरफ्तार मंत्री ज्योतिप्रिय मलिक की बेटी ने ट्यूशन से कमाए 3.4 करोड़

West Bengal news hindi: पश्चिम बंगाल के गिरफ्तार मंत्री ज्योतिप्रिय मलिक की बेटी ने ट्यूशन से कमाए 3.4 करोड़

कोलकाता। पश्चिम बंगाल (west bengal) राशन वितरण में भ्रष्टाचारी के मामले में गिरफ्तार मंत्री ज्योतिप्रिय मलिक (jyotipriya malick) को लेकर ईडी (ED) ने बड़ा खुलासा किया हैं। दरअसल मलिक की 11 चावल मिलों पर मारे गए छापे के दौरान ईडी (ED) को पता चला कि ज्योतिप्रिय मलिक (jyotipriya malick) अपनी पत्नी और सहयोगी बकीबुर रहमान के जरिए शेल कंपनियां चलाकर काले धन को सफेद बना रहे थे। एजेंसी को इस बात के भी सबूत हाथ लगे हैं कि फर्जी कंपनियों के जरिए 95 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग की गई।

ट्यूशन की कमाई 3.37 करोड़ रूपए
ईडी (ED) ने जांच के दौरान पाया कि मंत्री ने अपनी बेटी प्रियदर्शिनी और पत्नी मणिदीपा के बैंक खातों में बेहिसाब रकम डलवाई। अकेले उनकी बेटी के बैंक अकाउंट में नोटबंदी के बाद 3.37 करोड़ रूपए ट्रांसफर किए गए। हालांकि अपने पिता को बचाने के लिए पेशे से शिक्षक मलिक की बेटी ने यह तर्क दिया कि उन्होंने यह रकम ट्यूशन से कमाकर जमा की हैं। जबकि ईडी (ED) को जांच के दौरान पता चला हैं कि उस वित्तीय वर्ष में उसकी पूरे साल का वेतन कुल 2.48 लाख ही बन रहा था।

इसी के साथ आयकर विभाग के मुताबिक उसी साल यानी वर्ष 2016 में मंत्री ज्योति प्रिय मलिक (jyotipriya malick) की पत्नी मणिदीपा के बैंक खाते में 4.3 करोड़ रुपये की धनराशि जमा हुई। अब ईडी (ED) के साथ-साथ आयकर विभाग भी इस मनी ट्रेल की जांच कर पूरे घोटाले की गुत्थी सुलझाने का प्रयास कर रही हैं।

ईडी घोटाले की हर कड़ी तलाश रही
ईडी (ED) के अनुसार ज्योति प्रिय मलिक (jyotipriya malick) का सहयोगी बकीबुर रहमान राज्य में लोगों को सस्ती दरों पर अनाज वितरण में शामिल था। उसकी पश्चिम बंगाल (west bengal) में कई चावल मिलें भी हैं, साथ ही वह बांग्ला फिल्मों के डिस्ट्रीब्यूशन से भी जुड़ा हुआ हैं। राशन घोटाले के अलावा राज्य में वुमन ट्रैफिकिंग के मामलों में भी उसकी जांच की जा रही हैं। बकीबुर रहमान के अलावा इस मामले में काली दास साहा और महेंद्र अग्रवाल की भी जांच हो रही है। साहा के राज्य में कई अनाज गोदाम हैं, वहीं महेंद्र अग्रवाल की इस मामले में दलाल की भूमिका की जांच की जा रही है। जांच में सामने आया है कि राज्य की 4 चावल मिलें इस राशन घोटाले में सीधे तौर पर शामिल थीं, जबकि 7 ने इस मामले में अप्रत्यक्ष भूमिका निभाई।

कहीं गिरफ्तारी को प्रतिशोध तो कहीं घोटालों का विरोध
राशन घोटाला मामले में ईडी (ED) ने पिछले हफ्ते शुक्रवार को राज्य सरकार में वन मंत्री और पूर्व खाद्य मंत्री ज्योतिप्रिय मलिक (jyotipriya malick) को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद से राज्य में सियासी गहमागहमी तेज हो गई। टीएमसी ने जहाँ इसे केंद्र सरकार की प्रतिशोध की कार्रवाई बताया वहीं भाजपा ने मलिक की गिरफ्तारी को राज्य हित बताया।
अब इस मामले में माकपा ने राज्य सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया हैं। माकपा कार्यकर्ताओं ने रविवार को राज्य के कई हिस्सों में राशन की दुकानों के आगे प्रदर्शन किया।


West Bengal minister jyotipriya malick daughter says she earned 3.4 crores from tutions