
WEST BENGAL EAST-WEST METRO PROJECT-...आसमान से गिरे तो खजूर पर अटके
EAST-WEST METRO RAIL PROJECT कोलकाता। ....आसमान से गिरे तो खजूर पर अटके। यह कहावत कोलकाता के बहूबाजार के दुर्गा पिटूरी लेन निवासियों पर सोमवार को चरितार्थ साबित हुई। दरअसल EAST-WEST METRO RAIL PROJECT के तहत सुरंग निर्माण से दुर्गा पिटूरी लेन में मकानों में गत दिनों दरार आई थी जिसके बाद सोमवार से कोलकाता मेट्रो रेल निगम KMRC ने मकान तोडऩे की प्रक्रिया शुरू की। अभी लोग METRO निर्माण से मकानों में दरार की समस्या से उबरे भी नहीं थे कि सोमवार को एक नया संकट आया। सैंकरपाड़ा के अंदर मेट्रो काम के दौरान पानी की सप्लाई पाइपलाइन फट गई। पूरे क्षेत्र के कई घरों में पानी सप्लाई ठप हो गई। सैंकरपाड़ा गली के सामने मेट्रो का काम चल रहा था। सुबह गली के अंदर एक जगह पानी का पाइप फट गया। खबर मिलते ही KMC के अधिकारी मौके पर पहुंचे। इस क्षेत्र में एक पाइप लाइन है जिससे पानी निकल रहा। एक और पाइप लाइन फट गई। दुर्गा पिटुरी लेन में मकान गिरने की प्रक्रिया शुरू हो गई है और उधर पूरा इलाका जलमग्न है।
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KMRCL 2 मकान ध्वस्त करेगी
KMRCL के एक अफसर ने बताया कि मेट्रो कर्मचारियों ने डैमेज बिल्डिंग को तोडऩे की कार्रवाई शुरू की। यह कार्रवाई मंगलवार से अगले कुछ दिन तक जारी रहेगी। दुर्गा पिटूरी लेन के मकान नंबर 15, 16 और 16/1 इन तीनों मकानों को नए सिरे से गिराने का निर्णय लिया गया है। KMRCL सूत्रों के मुताबिक अगर गिराने के बाद घर का बाकी हिस्सा सुरक्षित है तो वह हिस्सा नहीं गिराया जाएगा। लेकिन अगर बाकी खतरनाक है, तो पूरा घर ध्वस्त कर दिया जाएगा। EAST-WEST METRO RAIL PROJECT में सुरंग निर्माण के आईटीडी सीमेंटेशन कान्ट्रेक्टर्स के प्रोजेक्ट डायरेक्टर रूपम सरकार ने कहा कि अगर जरूरी हुआ तो आगामी दिनों मे पूरा मकान ध्वस्त कर दिया जाएगा ऐहतियात के तौर पर।
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जरूरी सामान लेने आए पीडि़त
शुरू में मकान का कुछ हिस्सा तोड़ा जाएगा। बाकी घरों का फैसला कोलकाता नगरपालिका के परामर्श से किया जाएगा। दुर्गा पिटूरी लेन के 16 और 17/1 मकान के निवासियों को पहले ही होटलों में शिफ्ट किया जा चुका है। वे आज मौके पर घर से जरूरी सामान निकालने आए थे।
उधर राजनीति भी शुरू
इस बीच इस मामले पर राजनीति भी तेज हो गई। जहां सांसद व भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा कि किसी खास नेता के दबाव में मेट्रो लाइन की रूट को बदलना एक खतरा है। यदि रूट नहीं बदला होता तो इस आपदा से बचा जा सकता था। घोष ने टीएमसी पर इसका आरोप लगाया और कहा कि महापौर पहले अपना अपराध स्वीकार करें।यह उनके नेता हैं जिन्होंने इस मेट्रोलाइन को डायवर्ट किया। इसके चलते बार-बार लोगों को परेशानी हो रही।
Published on:
17 May 2022 03:05 pm
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