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पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद तृणमूल कांग्रेस के अंदर जारी उथल-पुथल तेज

लोकसभा में पार्टी के संसदीय दल में विभाजन इसी सप्ताह के आरंभ में स्पष्ट हो गया था, जब असंतुष्ट सांसदों ने सार्वजनिक रूप से ममता बनर्जी के नेतृत्व से अलग रुख अपनाया। दूसरी तरफ तृणमूल नेता अभिषेक बनर्जी ने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र में लिखा है जिसमे उन्होंने कहा है कि कोई भी फैसला करने से पहले तृणमूल कांग्रेस को अपनी बात रखने का मौका दें।

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पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद तृणमूल कांग्रेस के अंदर जारी उथल-पुथल तेज

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद तृणमूल कांग्रेस के अंदर जारी उथल-पुथल तेज

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद तृणमूल कांग्रेस के अंदर जारी उथल-पुथल तेज हो गई है। लोकसभा में पार्टी के 28 सदस्य और राज्यसभा में 13 सदस्य हैं जिनमें से अब तक तीन इस्तीफा दे चुके हैं। संकट से घिरी तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी को उस समय एक और झटका लगा जब उनके करीबी राजनीतिक सहयोगियों में शामिल सुदीप बंद्योपाध्याय बागी खेमे में शामिल हो गए। यह खेमा लोकसभा अध्यक्ष बिरला से संपर्क कर खुद को असली तृणमूल संसदीय दल के रूप में मान्यता दिलाने की तैयारी कर रहा है।

काकोली घोष दस्तीदार ने दावा किया

तृणमूल कांग्रेस के बागी खेमे की सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने रविवार को दावा किया कि दो और सांसद बागी खेमे में शामिल होने वाले हैं। इससे लोकसभा में इस गुट में सदस्यों की संख्या बढ़कर 22 हो जाएगी। दस्तीदार ने नई दिल्ली रवाना होने से पहले कोलकाता हवाई अड्डे पर पत्रकारों से कहा कि बागी सांसद सोमवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात करेंगे और उनसे अलग गुट के रूप में मान्यता देने की गुजारिश करेंगे। लोकसभा में पार्टी के संसदीय दल में विभाजन इसी सप्ताह के आरंभ में स्पष्ट हो गया था, जब असंतुष्ट सांसदों ने सार्वजनिक रूप से ममता बनर्जी के नेतृत्व से अलग रुख अपनाया। दूसरी तरफ तृणमूल नेता अभिषेक बनर्जी ने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र में लिखा है जिसमे उन्होंने कहा है कि कोई भी फैसला करने से पहले तृणमूल कांग्रेस को अपनी बात रखने का मौका दें। तृणमूल कांग्रेस के किसी भी अलग समूह या गुट को कोई मान्यता, दर्जा या सुविधा न दें। अभिषेक बनर्जी ने स्पीकर से तृणमूल को विधिवत अधिकृत नेता और सचेतक के जरिए प्रतिनिधित्व वाला एकल दल मानने की मांग की है। हालांकि, तृणमूल ने दोहराया है कि अलग संसदीय समूह बनाने की अनुमति देने वाला कोई कानून नहीं है। स्पीकर के साथ मूल तृणमूल पर अपना दावा पेश करने के लिए होने वाली बैठक से पहले, रविवार को सांसद सायोनी घोष और माला रॉय दिल्ली पहुंचीं। दिल्ली हवाईअड्डे पर रॉय और घोष, दोनों ने ही मीडिया से बात करने से इनकार कर दिया। घोष ने संवाददाताओं से कहा, मैं अपने निर्वाचन क्षेत्र के लोगों को जवाब दूंगी, आपको नहीं।

अलग गुट के रूप में मान्यता देने की गुजारिश

पत्रकारों से काकोली ने कहा कि हम दिल्ली में स्पीकार से मुलाकात करेंगे। हमारे साथ 22 सांसद हैं। अध्यक्ष ने हमें समय दिया है। हम सोमवार को उनसे मिलेंगे और अलग गुट के रूप में मान्यता देने की गुजारिश करेंगे। हालांकि दस्तीदार ने उन दो अतिरिक्त सांसदों की पहचान उजागर नहीं की और कहा कि उनके नाम औपचारिक रूप से गुट में शामिल होने के बाद सामने लाए जाएंगे। काकोली ने कहा कि जो लोग पिछले चार-पांच वर्ष में पश्चिम बंगाल में मौजूदा स्थिति के खिलाफ ईमानदारी से अपनी राय व्यक्त कर रहे थे, वे हमारे संपर्क में हैं। अब हमारी संख्या 22 हो गई है। बागी खेमे के सूत्रों के अनुसार, इस गुट की बैठक पहले कोलकाता में होने वाली थी, लेकिन अब दिल्ली में होगी। उच्च पदस्थ सूत्र ने बताया कि पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के इस बैठक में शामिल होने की संभावना थी, लेकिन दीघा-शंकरपुर विकास प्राधिकरण से जुड़े एक सरकारी कार्यक्रम के कारण उनके राष्ट्रीय राजधानी जाने की संभावना कम है।

तृणमूल ने बागी नेताओं के प्रयासों को किया खारिज

हालांकि, तृणमूल ने बागी नेताओं के प्रयासों को खारिज कर दिया और कहा कि दलबदल-रोधी कानून संसद के भीतर एक अलग गुट बनाने की इजाजत नहीं देता है। तृणमूल की राज्यसभा सदस्य सागरिका घोष ने रविवार को कहा कि अलग गुट बनाने का कोई कानूनी प्रावधान नहीं है। उन्होंने दावा किया कि सांसदों को अयोग्य ठहराया जा सकता है, जब तक कि उनकी मूल राजनीतिक पार्टी दसवीं अनुसूची के प्रावधानों के तहत किसी दूसरी पार्टी में विलय न कर ले।

राजग को समर्थन देगा समूह

दस्तीदार ने कहा कि यह समूह केंद्र में भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को समर्थन देगा। तृणमूल के 19 सांसदों के हस्ताक्षर वाला एक दस्तावेज भी सामने आया है। हस्ताक्षरकर्ताओं में काकोली घोष दस्तीदार, शताब्दी रॉय, बापी हलदर, शर्मिला सरकार, प्रसून बनर्जी, जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया, असित माल, अरूप चक्रवर्ती, कालीपद सोरेन, दीपक अधिकारी (देव), जून मालिया, पार्थ भौमिक, खलीलुर रहमान, अबू ताहेर खान, यूसुफ पठान, मिताली बाग और माला रॉय शामिल हैं। इस दस्तावेज़ पर रचना बनर्जी और सायोनी घोष के भी हस्ताक्षर थे। सांसदों ने अध्यक्ष को पत्र लिखकर दस्तीदार के नेतृत्व में एक अलग गुट को मान्यता देने की मांग की है। हालांकि, लोकसभा सचिवालय की ओर से इस बात की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है कि पत्र मिला है या नहीं। पत्रिका स्वतंत्र रूप से हस्ताक्षरों की प्रमाणिकता या लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को भेजे गए कथित पत्र की पुष्टि नहीं करता।

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