
ज्योति प्रिय मल्लिक का पार्टी के सभी पदों और गौतम देव का सिलीगुड़ी के मेयर पद से इस्तीफा
राज्य की सत्ता में हुए बदलाव के बाद राजनीतिक घटनाक्रम तेजी से बदल रहे हैं। तृणमूल कांग्रेस के नेताओं के इस्तीफा देने का सिलसिला जारी है। राज्य के पूर्व मंत्री ज्योति प्रिय मल्लिक ने शुक्रवार को पार्टी के सभी संगठनात्मक पदों से इस्तीफ दे दिया, जबकि उत्तर बंगाल में तृणमूल के वरिष्ठ नेता गौतम देव ने सिलीगुड़ी नगर निगम के महापौर पद से त्यागपत्र देते हुए सरकारी गाड़ी व सुरक्षा वापस कर दी। तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी के लंबे समय तक सहयोगी रहे मल्लिक ने कहा कि वे अपने इस फैसले की जानकारी पार्टी नेतृत्व को पहले ही दे चुके हैं। दूसरी ओर, अधिकारियों ने बताया कि गौतम ने सिलीगुड़ी नगर निकाय के आयुक्त को अपना इस्तीफा भेजा है।
राज्य विधानसभा चुनाव में हार के बाद से तृणमूल कांग्रेस में जारी संकट थमने का नाम नहीं ले रहा है। इससे पहले कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम और विधाननगर की मेयर कृष्णा चक्रवर्ती भी इस्तीफा दे चुकी हैं। दार्जिलिंग की पहाड़ियों में गोरखा क्षेत्रीय प्रशासन के मुख्य कार्यकारी और ममता बनर्जी के सहयोगी अनित थापा ने भी 17 जून को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। राज्य के पर्यटन मंत्री शंकर घोष ने देव के इस कदम को तृणमूल नेताओं की अक्षमता का सबूत बताया।
मल्लिक ने शुक्रवार को स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए पार्टी के सभी पदों से त्यागपत्र दिया। उनका यह त्यागपत्र पार्टी की राष्ट्रीय कार्यसमिति के सदस्य के रूप में उनकी नियुक्ति के एक सप्ताह से भी कम समय बाद आया है। मल्लिक ने बताया कि वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति उन्हें पार्टी गतिविधियों और संगठनात्मक जिम्मेदारियों में सक्रिय रूप से भाग लेने से रोक रही है। मल्लिक 1998 में तृणमूल के गठन के बाद से ही पार्टी से जुड़े रहे हैं और दो दशकों से अधिक समय तक इसके प्रमुख नेताओं में से एक रहे। 2011 में पार्टी के सत्ता में आने के बाद, वे विधायक रहे और राज्य सरकार में मंत्री पद संभाला। बाद में उन्हें राशन वितरण मामले से संबंधित आरोपों में गिरफ्तार किया गया था। जमानत मिलने के बाद उनकी पार्टी गतिविधियों में भागीदारी कम दिखाई दी। 2026 के विधानसभा चुनाव में, उन्होंने हाबरा निर्वाचन क्षेत्र से तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा, लेकिन पराजित हो गए।
सिलीगुड़ी में शुक्रवार को मेयर पद से गौतम देव के इस्तीफे के कुछ ही घंटों बाद पार्टी के वरिष्ठ नेता आलोक चक्रवर्ती ने भी तृणमूल की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। सूत्रों के अनुसार, आलोक चक्रवर्ती ने अपना इस्तीफा दार्जिलिंग जिला (समतल) तृणमूल अध्यक्ष कुंतल रॉय को भेज दिया। आलोक चक्रवर्ती लंबे समय तक तृणमूल कांग्रेस में राज्य सचिव जैसे महत्वपूर्ण पद पर रहे है। इसके अलावा, उत्तर बंगाल में पार्टी के श्रमिक संगठन की कमान भी लंबे समय तक उनके हाथों में रही है। गौतम देव ने मेयर परिषद के साथ हुई बैठक में भी उन्होंने इस्तीफा देने की इच्छा जाहिर की थी। हाल ही में उन्हें तृणमूल कांग्रेस की दार्जिलिंग जिला (समतल) कमेटी का चेयरमैन नियुक्त किया गया है। सूत्रों के मुताबिक, बदले राजनीतिक हालात में प्रशासनिक कामकाज सुचारू रूप से नहीं कर पाने की वजह से उन्होंने यह निर्णय लिया है। गौतम देव को 2011 में राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद उत्तर बंगाल विकास विभाग का मंत्री बनाया गया।
Updated on:
19 Jun 2026 09:04 pm
Published on:
19 Jun 2026 09:04 pm
