
WEST BENGAL IAS-पश्चिम बंगाल में आइएएस बैच में बांग्ला भाषियों की संख्या न के बराबर
BENGAL IAS-कोलकाता। पश्चिम बंगाल में IAS अफसर के जो बैच आ रहे उनमें बांग्ला भाषियों की संख्या न के बराबर है। इसी वजह से अब प्रदेश सरकार विभिन्न जिलों में IAS TRANING CENTRE खोलेगी। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अगले हफ्ते इस प्रकल्प का उदघाटन कर सकती हैं। बंगाल पर्याप्त संख्या में आइएएस अफसर तैयार नहीं कर पा रहा इसकी वजह सटीक प्रशिक्षण का अभाव है। एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकार ने नाम न छापने की शर्त पर सोमवार को यह जानकारी दी। उनके अनुसार प्रस्तावित आइएएस प्रशिक्षण केंद्रों में यूपीएससी परीक्षा की बेहतरीन तैयारी कराई जाएगी।उच्च शिक्षा विभाग के सचिव मनीष जैन को प्रशिक्षण केंद्र खोलने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। फिलहाल कालेजों में प्रशिक्षण केंद्र खोले जाएंगे। इस संबंध में जिलों में कालेजों को चिन्हित किया जा रहा है। जिलों में कार्यरत आइएएस अफसरों को प्रशिक्षण केंद्रों में पढ़ाने का दायित्व सौंपा जाएगा।
प्रशिक्षण केंद्रों को सत्येंद्रनाथ टैगोर सिविल सर्विस स्टडी सेंटर सहयोग करेगा। आइएएस बनने की संभावना वाले छात्र-छात्राओं को चिन्हित कर उन्हें यूपीएससी परीक्षा के लिए तैयार किया जाएगा।उल्लेखनीय है कि राज्य में बंगाली आइएएस कैडरों की संख्या काफी कम है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद विभिन्न मौकों पर बंगाल में आइएएस अफसरों की कमी की बात कह चुकी हैं। उन्होंने यह भी कहा है कि इस कारण बंगाल में जिलों की संख्या बढ़ाने की योजना को मूर्त रूप देने में भी समस्या हो रही है। बंगाल में आइएएस अफसर के जो बैच आ रहे उनमें बांग्ला भाषियों की संख्या न के बराबर है। इसी वजह से राज्य के प्रशासनिक प्रशिक्षण केंद्र में बंगाल आने वाले नए आइएएस अफसरों को नए सिरे से प्रशिक्षित कर उन्हें बंगाल के समग्र परिदृश्य के बारे में बताया जा रहा है। ताकि उन्हें प्रशासनिक कामकाज करने में भाषागत समस्या न हो।
Published on:
07 Jun 2022 01:56 pm
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