
‘सेवा का सागर है महावीर सेवा सदन’
कोलकाता. महावीर सदन केवल सदन नहीं सेवा का सागर है। महावीर सेवा सदन के सेवाभवन में रविवार को पहुंचे राष्ट्रसंत नम्र मुनि महाराज ने यह उद्गार व्यक्त किए। मुनि ने सदन भवन में दिव्यांगों के सेवा कार्यों का निरीक्षण किया। दिव्यांगों के लिए दी जा रही सेवारूपी गतिविधियों की विस्तृत जानकारी सदन के संस्थापक अध्यक्ष जेएस मेहता ने दी। महावीर सेवा सदन के संरक्षक सोहनराज सिंघवी, संस्थापक अध्यक्ष जेएस मेहता, अध्यक्ष विजय चोरडिय़ा, सचिव आरएस सिंघी, सलाहकार समिति के विशिष्ट सदस्य संतोष दुगड़ के साथ अन्य सदस्यों ने मुनि का स्वागत किया। मुनि ने इस मौके पर कहा कि वे महावीर सेवा सदन में मुरझाए चेहरों में मुस्कान लाने की कोशिश होते देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि यहां के सदस्य बिना किसी नाम की चाहत के दिल से सेवा कार्य कर रहें हैं। सेवा भवन का निरीक्षण करने के बाद उन्होंने कहा कि जिस मां का बच्चा बोलता नहीं, जो इंसान चलने में विवश है, उसकी वेदना, उसका कष्ट उसकी मां, उसके परिजन जानते हैं। यहां दिव्यांगों को मूल श्रोत में लाने की कोशिश निरंतर जारी है और संस्था के सदस्य दूसरे के दुख को अपना समझकर सेवा कार्य करते हैं। मुनि ने कहा कि देश के अन्य जगहों में विभिन्न संस्था सिर्फ नाम, ख्याति के लिए सेवा कार्य करती है, लेकिन इस संस्था का नाम और इसकी ख्याति दूर-दूर तक इसके काम की वजह से फैल रहा है। उन्होंने कहा कि यह संस्था भविष्य में और बुलंदी पर पहुंचे, ईश्वर से यही कामना है। इस मौके पर महावीर सेवा सदन को उनके निस्वार्थ व अभूतपूर्व सेवाकार्य के लिए 11 लाख की सहयोग राशि प्रदान करने की घोषणा की गई। अध्यक्षता महावीर सेवा सदन के अध्यक्ष विजय चोरडिय़ा ने की।
Published on:
16 Sept 2019 02:28 pm

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