PM Modi tweet on Sonam Shering : पीएम मोदी ने सोनम शेरिंग लेप्चा के बारे में क्या ट्वीट किया

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को प्रसिद्ध लोक संगीतकार रेन सोनम शेरिंग लेप्चा के बारे में अपने ट्विटर हैडल पर ट्वीट किया। उन्होंने कहा कि सोनम शेरिंग लेप्चा को लेप्चा संस्कृति को लोकप्रिय बनाने और उसका प्रतिनिधित्व करने के उनके प्रयासों को याद किया जाएगा। उनकी रचनात्मकता का सम्मान पीढ़ी दर पीढ़ी किया जाता रहेगा। वे एक बहुआयामी व्यक्तित्व थे।

By: Manoj Singh

Published: 31 Jul 2020, 10:19 AM IST

ममता बनर्जी ने अपने ट्वीट में इस लोक संगीतकार के बारे में क्या कहा
कोलकाता
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को प्रसिद्ध लोक संगीतकार रेन सोनम शेरिंग लेप्चा के बारे में अपने ट्विटर हैडल पर ट्वीट किया। उन्होंने कहा कि रेन सोनम शेरिंग लेप्चा लेप्चा संस्कृति को लोकप्रिय बनाने और उसका प्रतिनिधित्व करने के उनके प्रयासों को याद किया जाएगा। उनकी रचनात्मकता का सम्मान पीढ़ी दर पीढ़ी किया जाता रहेगा। वे एक बहुआयामी व्यक्तित्व थे। प्रधानमंत्री ने यह ट्वीट मशहूर लोक संगीतकार रेन सोनम शेरिंग लेप्चा के निधन पर शोक जताने के लिए किया। उन्होंने कहा कि सोनम शेरिंग लेप्चा के निधन से वे दुःखी हैं। उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति संवेदना। ऊं शांति

पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित रेन सोनम शेरिंग लेप्चा का गुरुवार को पश्चिम बंगाल के कालिम्पोंग में निधन हो गया।वे 92 साल के थे और अपने पीछे दो पत्नियां और कई बच्चों को छोड़ गए है। वर्ष 1928 में कालिम्पोंग में पैदा रेन सोनम लेप्चा की मौत बुढापे में होने वाली बीमारियों से हुई है। कालिम्पोंग जिला के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि उन्हें कार्डियक अरेस्ट हुआ था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ट्वीट कर संगीतकार की मौत पर शोक व्यक्त किया और लेप्चा संस्कृति को लोकप्रिय बनाने और उसका प्रतिनिधित्व करने के अपने प्रयासों को याद किया।
अपने ट्वीट में मोदी ने कहा कि पद्मश्री रेन सोनम शेरिंग लेप्चा एक बहुआयामी व्यक्तित्व थे। उन्होंने महान लेप्चा संस्कृति को लोकप्रिय बनाने के लिए बेहतरीन प्रयास किए। बनर्जी ने भी ट्वीट कर उन्हें श्रद्धांजली देते हुए कहा कि अचानक कलिम्पोंग में पद्मश्री रेन सोनम शेरिंग लेप्चा के निधन के बारे में सुनकर दुःख हुआ। वे उनके परिवार और दार्जिलिंग के पूरे लेपचा समुदाय के प्रति गहरी संवेदना प्रकट करती हैं।
एक सैनिक के रूप में अपना करियर शुरू करने वाले पद्मश्री लेप्चा ने सिक्किम के विभिन्न हिस्सों की यात्रा की और भारतीय लोक और पारंपरिक लेप्चा गीतों की एक विस्तृत श्रृंखला का अनुपालन किया। उन्होंने वर्ष 1960 में ऑल इंडिया रेडियो पर लोक संगीत बजाया था और उन्हें लोक संगीत के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए पद्म श्री से सम्मानित किया गया था। सिक्किम में उनकी बहुत श्रद्धा है, जहां उन्होंने अपना ज़्यादा समय लेपचा संस्कृति के पुनरुद्धार में लगाया।

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Manoj Singh Reporting
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