
विश्रामपुरी/केशकाल. वन परिक्षेत्र बड़ेराजपुर के उपपरिक्षेत्र गोविंदपुर के तहत परिसर हात्मा कक्ष क्रमांक आरएफ 2841 में संयुक्त वन प्रबंधन समिति पिटेचुवा, बन्नूपारा के सदस्य व ग्रामीणों द्वारा अतिक्रमण करने के उददेश्य से पुरूष एवं महिला द्वारा अवैध रूप से कब्जा कर झोपड़ी निर्माण किया जा रहा था। अतिक्रामकों को बारम्बार बैठक बुलाकर समझाईस देने के उपरांत भी मानने को तैयार नहीं है। जिस पर 4 अैल 2018 को वनविभाग व पुलिस विभाग द्वारा संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए अतिक्रामकों द्वारा बनाई गई 116 झोपड़ी हटाते हुए वनोपज जब्त किया है। वन कर्मी व पुलिस को पहुंची चोटें वहीं कार्रवाई के दौरान अतिक्रामक मुखिया छबीलाल वटट्ी पिता नकछेड़ा वटट्ी गांव पिटेचुवा व उनके साथी सुनील कश्यप, गोर्वधन शोरी, मडड्ूराम नेताम, लखूराम नेताम, तेजभान एवं अन्य के द्वारा शासकीय कार्य में व्यवधान उत्पन्न कर करते हुए छीना-झपटी गाली गलौच किया। छीना-झपटी के दौरान वनकर्मी एवं पुलिस विभाग के कुछ लोगों को चोटे आई जिसका विश्रामपुरी अस्पाताल में एमएलसी रिर्पोट तैयार कराया गया। रक्षक को दी जान से मारने की धमकी, मामला दर्ज छिना-झपटी के दौरान अतिक्रमणकारियों ने परिसर रक्षक को जान से मारने की धमकी भी दी है। इन अतिक्रामकों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ नामजद एफआईआर करते हुए भादंवि की धारा 147, 148, 149, 506, 186, 353 एवं वन अधिनियम 1927 की धारा 26 के तहत मामला दर्ज किया गया। वन विभाग व पुलिस की संयुक्त कार्रवाई कार्रवाई के दौरान डीकेएस चौहान वनमंडलाधिकारी केशकाल, देवांगन एसडीओपी केशकाल, टीआर मरई वनपरिक्षेत्र अधिकारी बड़ेराजपुर, पीआर कश्यप वनपरिक्षेत्र अधिकारी केशकाल, सिन्हा थाना प्रभारी विश्रामपुरी, नाग एएसआई विश्रामपुरी, परिक्षेत्र सहायक विश्रामपुरी, गोविंदपुर, सलना, कोरगांव, बांसकोट, बड़बत्तर, वहीगांव, कोहकोमेटा, धनोरा एवं सैकड़ों वनविभाग व पुलिस विभाग के कर्मचारी मौजूद थे।

विश्रामपुरी/केशकाल. वन परिक्षेत्र बड़ेराजपुर के उपपरिक्षेत्र गोविंदपुर के तहत परिसर हात्मा कक्ष क्रमांक आरएफ 2841 में संयुक्त वन प्रबंधन समिति पिटेचुवा, बन्नूपारा के सदस्य व ग्रामीणों द्वारा अतिक्रमण करने के उददेश्य से पुरूष एवं महिला द्वारा अवैध रूप से कब्जा कर झोपड़ी निर्माण किया जा रहा था। अतिक्रामकों को बारम्बार बैठक बुलाकर समझाईस देने के उपरांत भी मानने को तैयार नहीं है। जिस पर 4 अैल 2018 को वनविभाग व पुलिस विभाग द्वारा संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए अतिक्रामकों द्वारा बनाई गई 116 झोपड़ी हटाते हुए वनोपज जब्त किया है। वन कर्मी व पुलिस को पहुंची चोटें वहीं कार्रवाई के दौरान अतिक्रामक मुखिया छबीलाल वटट्ी पिता नकछेड़ा वटट्ी गांव पिटेचुवा व उनके साथी सुनील कश्यप, गोर्वधन शोरी, मडड्ूराम नेताम, लखूराम नेताम, तेजभान एवं अन्य के द्वारा शासकीय कार्य में व्यवधान उत्पन्न कर करते हुए छीना-झपटी गाली गलौच किया। छीना-झपटी के दौरान वनकर्मी एवं पुलिस विभाग के कुछ लोगों को चोटे आई जिसका विश्रामपुरी अस्पाताल में एमएलसी रिर्पोट तैयार कराया गया। रक्षक को दी जान से मारने की धमकी, मामला दर्ज छिना-झपटी के दौरान अतिक्रमणकारियों ने परिसर रक्षक को जान से मारने की धमकी भी दी है। इन अतिक्रामकों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ नामजद एफआईआर करते हुए भादंवि की धारा 147, 148, 149, 506, 186, 353 एवं वन अधिनियम 1927 की धारा 26 के तहत मामला दर्ज किया गया। वन विभाग व पुलिस की संयुक्त कार्रवाई कार्रवाई के दौरान डीकेएस चौहान वनमंडलाधिकारी केशकाल, देवांगन एसडीओपी केशकाल, टीआर मरई वनपरिक्षेत्र अधिकारी बड़ेराजपुर, पीआर कश्यप वनपरिक्षेत्र अधिकारी केशकाल, सिन्हा थाना प्रभारी विश्रामपुरी, नाग एएसआई विश्रामपुरी, परिक्षेत्र सहायक विश्रामपुरी, गोविंदपुर, सलना, कोरगांव, बांसकोट, बड़बत्तर, वहीगांव, कोहकोमेटा, धनोरा एवं सैकड़ों वनविभाग व पुलिस विभाग के कर्मचारी मौजूद थे।

विश्रामपुरी/केशकाल. वन परिक्षेत्र बड़ेराजपुर के उपपरिक्षेत्र गोविंदपुर के तहत परिसर हात्मा कक्ष क्रमांक आरएफ 2841 में संयुक्त वन प्रबंधन समिति पिटेचुवा, बन्नूपारा के सदस्य व ग्रामीणों द्वारा अतिक्रमण करने के उददेश्य से पुरूष एवं महिला द्वारा अवैध रूप से कब्जा कर झोपड़ी निर्माण किया जा रहा था। अतिक्रामकों को बारम्बार बैठक बुलाकर समझाईस देने के उपरांत भी मानने को तैयार नहीं है। जिस पर 4 अैल 2018 को वनविभाग व पुलिस विभाग द्वारा संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए अतिक्रामकों द्वारा बनाई गई 116 झोपड़ी हटाते हुए वनोपज जब्त किया है। वन कर्मी व पुलिस को पहुंची चोटें वहीं कार्रवाई के दौरान अतिक्रामक मुखिया छबीलाल वटट्ी पिता नकछेड़ा वटट्ी गांव पिटेचुवा व उनके साथी सुनील कश्यप, गोर्वधन शोरी, मडड्ूराम नेताम, लखूराम नेताम, तेजभान एवं अन्य के द्वारा शासकीय कार्य में व्यवधान उत्पन्न कर करते हुए छीना-झपटी गाली गलौच किया। छीना-झपटी के दौरान वनकर्मी एवं पुलिस विभाग के कुछ लोगों को चोटे आई जिसका विश्रामपुरी अस्पाताल में एमएलसी रिर्पोट तैयार कराया गया। रक्षक को दी जान से मारने की धमकी, मामला दर्ज छिना-झपटी के दौरान अतिक्रमणकारियों ने परिसर रक्षक को जान से मारने की धमकी भी दी है। इन अतिक्रामकों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ नामजद एफआईआर करते हुए भादंवि की धारा 147, 148, 149, 506, 186, 353 एवं वन अधिनियम 1927 की धारा 26 के तहत मामला दर्ज किया गया। वन विभाग व पुलिस की संयुक्त कार्रवाई कार्रवाई के दौरान डीकेएस चौहान वनमंडलाधिकारी केशकाल, देवांगन एसडीओपी केशकाल, टीआर मरई वनपरिक्षेत्र अधिकारी बड़ेराजपुर, पीआर कश्यप वनपरिक्षेत्र अधिकारी केशकाल, सिन्हा थाना प्रभारी विश्रामपुरी, नाग एएसआई विश्रामपुरी, परिक्षेत्र सहायक विश्रामपुरी, गोविंदपुर, सलना, कोरगांव, बांसकोट, बड़बत्तर, वहीगांव, कोहकोमेटा, धनोरा एवं सैकड़ों वनविभाग व पुलिस विभाग के कर्मचारी मौजूद थे।

विश्रामपुरी/केशकाल. वन परिक्षेत्र बड़ेराजपुर के उपपरिक्षेत्र गोविंदपुर के तहत परिसर हात्मा कक्ष क्रमांक आरएफ 2841 में संयुक्त वन प्रबंधन समिति पिटेचुवा, बन्नूपारा के सदस्य व ग्रामीणों द्वारा अतिक्रमण करने के उददेश्य से पुरूष एवं महिला द्वारा अवैध रूप से कब्जा कर झोपड़ी निर्माण किया जा रहा था। अतिक्रामकों को बारम्बार बैठक बुलाकर समझाईस देने के उपरांत भी मानने को तैयार नहीं है। जिस पर 4 अैल 2018 को वनविभाग व पुलिस विभाग द्वारा संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए अतिक्रामकों द्वारा बनाई गई 116 झोपड़ी हटाते हुए वनोपज जब्त किया है। वन कर्मी व पुलिस को पहुंची चोटें वहीं कार्रवाई के दौरान अतिक्रामक मुखिया छबीलाल वटट्ी पिता नकछेड़ा वटट्ी गांव पिटेचुवा व उनके साथी सुनील कश्यप, गोर्वधन शोरी, मडड्ूराम नेताम, लखूराम नेताम, तेजभान एवं अन्य के द्वारा शासकीय कार्य में व्यवधान उत्पन्न कर करते हुए छीना-झपटी गाली गलौच किया। छीना-झपटी के दौरान वनकर्मी एवं पुलिस विभाग के कुछ लोगों को चोटे आई जिसका विश्रामपुरी अस्पाताल में एमएलसी रिर्पोट तैयार कराया गया। रक्षक को दी जान से मारने की धमकी, मामला दर्ज छिना-झपटी के दौरान अतिक्रमणकारियों ने परिसर रक्षक को जान से मारने की धमकी भी दी है। इन अतिक्रामकों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ नामजद एफआईआर करते हुए भादंवि की धारा 147, 148, 149, 506, 186, 353 एवं वन अधिनियम 1927 की धारा 26 के तहत मामला दर्ज किया गया। वन विभाग व पुलिस की संयुक्त कार्रवाई कार्रवाई के दौरान डीकेएस चौहान वनमंडलाधिकारी केशकाल, देवांगन एसडीओपी केशकाल, टीआर मरई वनपरिक्षेत्र अधिकारी बड़ेराजपुर, पीआर कश्यप वनपरिक्षेत्र अधिकारी केशकाल, सिन्हा थाना प्रभारी विश्रामपुरी, नाग एएसआई विश्रामपुरी, परिक्षेत्र सहायक विश्रामपुरी, गोविंदपुर, सलना, कोरगांव, बांसकोट, बड़बत्तर, वहीगांव, कोहकोमेटा, धनोरा एवं सैकड़ों वनविभाग व पुलिस विभाग के कर्मचारी मौजूद थे।

विश्रामपुरी/केशकाल. वन परिक्षेत्र बड़ेराजपुर के उपपरिक्षेत्र गोविंदपुर के तहत परिसर हात्मा कक्ष क्रमांक आरएफ 2841 में संयुक्त वन प्रबंधन समिति पिटेचुवा, बन्नूपारा के सदस्य व ग्रामीणों द्वारा अतिक्रमण करने के उददेश्य से पुरूष एवं महिला द्वारा अवैध रूप से कब्जा कर झोपड़ी निर्माण किया जा रहा था। अतिक्रामकों को बारम्बार बैठक बुलाकर समझाईस देने के उपरांत भी मानने को तैयार नहीं है। जिस पर 4 अैल 2018 को वनविभाग व पुलिस विभाग द्वारा संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए अतिक्रामकों द्वारा बनाई गई 116 झोपड़ी हटाते हुए वनोपज जब्त किया है। वन कर्मी व पुलिस को पहुंची चोटें वहीं कार्रवाई के दौरान अतिक्रामक मुखिया छबीलाल वटट्ी पिता नकछेड़ा वटट्ी गांव पिटेचुवा व उनके साथी सुनील कश्यप, गोर्वधन शोरी, मडड्ूराम नेताम, लखूराम नेताम, तेजभान एवं अन्य के द्वारा शासकीय कार्य में व्यवधान उत्पन्न कर करते हुए छीना-झपटी गाली गलौच किया। छीना-झपटी के दौरान वनकर्मी एवं पुलिस विभाग के कुछ लोगों को चोटे आई जिसका विश्रामपुरी अस्पाताल में एमएलसी रिर्पोट तैयार कराया गया। रक्षक को दी जान से मारने की धमकी, मामला दर्ज छिना-झपटी के दौरान अतिक्रमणकारियों ने परिसर रक्षक को जान से मारने की धमकी भी दी है। इन अतिक्रामकों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ नामजद एफआईआर करते हुए भादंवि की धारा 147, 148, 149, 506, 186, 353 एवं वन अधिनियम 1927 की धारा 26 के तहत मामला दर्ज किया गया। वन विभाग व पुलिस की संयुक्त कार्रवाई कार्रवाई के दौरान डीकेएस चौहान वनमंडलाधिकारी केशकाल, देवांगन एसडीओपी केशकाल, टीआर मरई वनपरिक्षेत्र अधिकारी बड़ेराजपुर, पीआर कश्यप वनपरिक्षेत्र अधिकारी केशकाल, सिन्हा थाना प्रभारी विश्रामपुरी, नाग एएसआई विश्रामपुरी, परिक्षेत्र सहायक विश्रामपुरी, गोविंदपुर, सलना, कोरगांव, बांसकोट, बड़बत्तर, वहीगांव, कोहकोमेटा, धनोरा एवं सैकड़ों वनविभाग व पुलिस विभाग के कर्मचारी मौजूद थे।