
Chhattisgarh Minor Marriage: जिले के अंतर्गत ग्राम पंचायत बफना मालगुजारपारा से बाल विवाह की सूचना प्राप्त मिलते ही गुरूवार को कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देशानुसार जिला प्रशासन द्वारा गठित महिला एवं बाल विकास विभाग, पुलिस विभाग एवं चाईल्ड लाईन के संयुक्त दल द्वारा जिला कार्यक्रम अधिकारी अवनी कुमार बिसवाल के मार्गदर्शन में बाल विवाह रोकने की कार्यवाही की गई।
ग्राम पंचायत बफना के मालगुजारपारा में नाबालिग बालिका रोशनी (परिवर्तित नाम) उम्र 16 वर्ष 7 माह का विवाह बालक रोहित (परिवर्तित नाम) उम्र 24 वर्ष 5 माह निवासी छोटे भिरावण्ड पुजारीपारा के साथ किया जाना था। बालिका के अनुसार वह विवाह नहीं करना चाहती थी, परिवार द्वारा सामाजिक रीति रिवाज से विवाह अनुसार हल्दी का कार्यक्रम चल रहा था। ग्राम स्तरीय बाल संरक्षण समिति के द्वारा घर में जाकर समझाईश दिया गया था, परंतु परिवार वाले नहीं मान रहे थे।
जिसकी सूचना मिलने पर जिला स्तरीय गठित संयुक्त दल द्वारा बालिका के घर पहुंचकर बालिका के आधार कार्ड एवं शैक्षणिक दस्तावेजों का निरीक्षण किया गया। जिसमें बालिका की आयु विवाह के लिये निर्धारित आयु से कम पायी गई। बालिका के गृह स्थल में परिवार के सदस्यों को विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारियों द्वारा बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, दण्ड के प्रावधान, बाल विवाह के दुष्परिणामों से अवगत कराते हुए विवाह न करने की समझाईश देने पर परिवार द्वारा बालिका की निर्धारित आयु पूरी होने पर विवाह किये जाने की सहमति व्यक्त की गई। दल द्वारा परिजनों को समझाईश दिया गया एवं पंचनामा तैयार किया गया। दल द्वारा वर पक्ष के गृह निवास छोटे भिरावण्ड में भी जा कर परिजनों को समझाईश दी गई एवं पंचनामा तैयार किया गया।
Updated on:
05 May 2024 07:28 am
Published on:
04 May 2024 03:30 pm
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