2 नवंबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

चैनपुर के 38 ग्रामीण इस खतरनाक बीमारी की चपेट में

गांव में १० जगह लिया गया पानी का सेंपल, टेस्ट के लिए भेजा गया
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

कोरबा

•

image

Shiv Singh

•

Updated: 20 Apr 2018, 11:44 AM IST

गांव में १० जगह लिया गया पानी का सेंपल, टेस्ट के लिए भेजा गया

कोरबा . गुरुवार को करतला ब्लाक के ग्राम चैनपुर में जिला फ्लोरिसस सेल ने हेल्थ कैंप लगाया। जहां १४५ ग्रामीणों के चेकअप में ३८ में फ्लोरिसिस पॉजिटिव मिले। सबसे अधिक बच्चे इसके चपेट में हैं। १० जगहों से पानी का सेंपल लेकर लैब जांच के लिए भेजा गया है।


सेल द्वारा पिछले दो महीने से पोड़ीउपरोड़ा, पाली, कोरबा के बाद करतला ब्लाक के फ्लोराइड प्रभावित गांव में हेल्थ कैंप लगाकर ऐसे ग्रामीणों को चिंहित किया जा रहा है जो इसकी चपेट में आ चुकेे हैं। जहां उनमें फ्लोरिसिस के लक्षण पर भी रिपोर्ट तैयार की जा रही है। हड्डियों व दांतों मेें यह बीमारी पाई जाती है। गुरुवार को करतला विकासखंड के ग्राम चैनपुर में यह शिविर लगाया गया।

चूंकि गर्मियों की छुट्टियों की वजह से बच्चे नहीं मिल सके। इसलिए सेल ने गांव में जाकर बच्चों का सैंपल लिया। गांव की विभिन्न बस्तियों के कुल १४५ लोगों का हेल्थ चेकअप किया गया। जिसमें ३८ में यह पॉजिटिव मिला। उनका शारीरिक विकास नहीं हो पा रहा है। हाथ-पैर में काफी दर्द रहता है। टीम ने सभी को जरूरी दवाएं दी हैं।

वहीं गांव में १० जगहों पर पानी का सेंपल भी लिया गया है। ग्रामीणों से टीम ने उनके पानी का स्रोत की जानकारी ली। जिसमें सबसे अधिक बोर और हैंडपंप शामिल है। सेंपल रिपोर्ट के बाद इन स्रोतों को सील भी किया जा सकता है।

जिला फ्लोरिसस सेल के सलाहकार डॉ. नरेंद्र जायसवाल का कहना है कि गांव में शिविर लगाया गया था। जिसमें ३८ लोग इसके चपेट में मिले हैं। १० पानी के स्रोतों का सैंपल लेकर लैब भेजा गया हैं। रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई होगी। आगे भी सेंपलिंग की जाती रहेगी।

२3 को सरंगबुंदिया व २6 को रामपुर में
जिला फ्लोरिसिस सेल द्वारा २३ अप्रैल को सरगबुंदिया गांव में तो वहीं २६ को रामपुर में शिविर लगाएगा जाएगा। जहां फ्लोराइड प्रभावित लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण होगा। अब तक दो दर्जन गांवों में टीम पहुंच चुकी है। जहां २०० से अधिक लोग इसके चपेट में सामने आ चुके हैं।