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खूंटे से बंधे थे 16 गाय-बैल, हाथियों के झुंड ने मचाया कोहराम, 12 की ले ली जान

गुरुवार की रात हाथियों के झुंड ने कोहराम मचा दिया। घर के बाहर बाड़ी में खूंटे से बंधे 12 गाय और बैल को मौत के घाट उतार दिया। तीन से चार गाय गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। जब हाथियों ने हमला किया तब ग्रामीण घरों पर ही थे, लेकिन बाहर निकलकर मवेशियों को बचाने की हिम्मत नहीं जुटा पाए।
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कोरबा

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Rajesh Kumar kumar

•

Updated: 25 Nov 2023, 12:02 PM IST

खूंटे से बंधे थे 16 गाय-बैल, हाथियों के झुंड ने मचाया कोहराम, 12 की ले ली जान

खूंटे से बंधे थे 16 गाय-बैल, हाथियों के झुंड ने मचाया कोहराम, 12 की ले ली जान

घटना कटघोरा वनमंडल के केंदई वनपरिक्षेत्र के सिरमिना सर्किल के ग्राम बगाहीपारा की है। प्रतिदिन की तरह गुरुवार को भी गांव के ग्रामीणों ने मवेशियों को जंगल में घास चराने के बाद घरों के बाहर बाड़ी में खूंटे से बांधकर सोने चले गए थे। बताया जा रहा है कि रात करीब एक बजे हाथियों का झुंड आ धमका।

हाथियों ने मवेशियों पर हमला कर दिया। खूंटे से बंधे होने के कारण मवेशियों को भागने का मौका भी नहीं मिला। मवेशियों की आवाज आने से ग्रामीण भी जाग गए। हाथियों के झुंड ने 12 मवेशियों को मौत के घाट उतार दिया। चार मवेशी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि जब झुंड ने मवेशियों पर हमला किया तब सभी जाग रहे थे, लेकिन हाथियों को खदेड़ने के लिए घर से बाहर निकलने की भी हिम्मत नहीं जुटा सके। हाथियों के जाने के करीब एक घंटे बाद ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो मवेशी मृत हालत में पड़े हुए थे।

निगरानी व्यवस्था पर बार-बार उठ रहे सवाल

वन विभाग के निगरानी व्यवस्था पर एक बार फिर से सवाल उठने लगे हैं। एक तरफ अधिकारियों का दावा है कि निगरानी व्यवस्था पुख्ता है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब हाथियों के लोकेशन की जानकारी अमले को थी तो ग्रामीणों को समय रहते मवेशी हटाने के लिए मुनादी क्यों नहीं कराई गई। दरअसल कब हाथी जंगल से बाहर निकलर गांव में घुसकर नुकसान पहुंचा देते हैं कि वन विभाग को भनक तक नहीं लगती।

नहीं थम रहे हमले

लगातार हो रही घटनाएंकटघोरा वनमंडल में हाथियों के हमले लगातार हो रहे हैं। घटनाएं कम होेने का नाम भी नहीं ले रही है। फसल पकने के बाद अब धान को सुरक्षित रखना किसानों के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। कई गांव में फसल नुकसानी का मुआवजा भी अब तक नहीं मिल सका है।