
कर्ज के बोझ से था परेशान, जहर पीकर की खुदकुशी, प्रबंधन पर लगे ये आरोप
Korba Suicide Case : कुसमुंडा कोयला खदान से प्रभावित एक ग्रामीण ने जहर पीकर खुदकुशी कर ली। खुदकुशी की वजह घर के मूल्यांकन के बाद मुआवजा मिलने में देरी और बेटी की शादी के बाद कर्ज के बोझ का कारण माना जा रहा है। जानकारी के मुताबिक 13 जून को ग्राम चन्द्रनगर जटराज में रहने वाले दिलहरण पटेल (46) ने जहर पी लिया था। उसे कोरबा मेडिकल कॉलेज में भर्ती किया गया था।(cg news hindi) इलाज के दौरान शुक्रवार की रात मौत हो गई। दिलहरण ने जहर क्यों पीया। यह स्पष्ट नहीं है। दिलहरण के पुत्र मुकेश ने बताया कि जटराज में उसका एक मकान है। (chhattisgarh news) इसका अधिग्रहण एसईसीएल की ओर से किया गया है। मकान का नाप- जोख हुए कई माह गुजर गए हैं, लेकिन मुआवजा नहीं मिला और नौकरी भी नहीं मिली।
दिलहरण भूमिहीन है। उसके मकान का मूल्यांकन किया गया है। लगभग ढाई लाख रुपए मुआवजा बना है, भुगतान की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। उनके पुत्र को ठेका कंपनी में रोजगार दिया गया है।
- सनीष कुमार, पीआरओ एसईसीएल बिलासपुर
जहर पीने से दिलहरण की मौत हुई है। खदान में भू- विस्थापित का पुत्र ठेका कंपनी काम करता है। बेटे से पता चला है कि बेटी की शादी के लिए पिता ने कुछ कर्ज लिया था। (korba news in hindi) इसे लौटा नहीं पा रहा था। सभी पहलुओं पर जांच की जाएगी। इसके बाद स्थिति स्पष्ट होगी।
- कृष्ण कुमार वर्मा, थानेदार, कुसमुंडा
Published on:
18 Jun 2023 06:45 pm
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