
कोरबा . जिले के खिलाडिय़ों की प्रतिभा को उभारने कोच शेद यादव 10 सालों से तीरंदाजी का प्रशिक्षण दे रहे हैं। खिलाडिय़ों को सामान उपब्ध कराने 15 तीन-धनुष स्वयंं खरीदा है। इसी से बच्चे जिले का मान बढ़ाते हैं। अंतरर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में उपयोग होने वाला तीर-धनुष एक ही होने के कारण किसी एक खिलाड़ी ही ले भाग ले सकते हैं।
जिले के एसईसीएल ग्राउंड पर कोच शेद यादव ने बताया कि सरकार तीरंदाजी खिलाडिय़ों के लिए किसी प्रकार की सुविधा उपलब्ध नहीं कराया है। अंतरर्राष्ट्रीय स्तर के तीर-धनुष की कीमत दो से ढाई लाख की होती है। उन्होंने बताया कि तीरंदाजी के सामानों की कीमत काफी महंगी होने के कारण एक ही खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए भेज पाते हैं।
जिले के खिलाडिय़ों की प्रतिभा को निखारने व महाभारत के अर्जुन की भांति लक्ष्य को भेदने की कला से अवगत करा रहे हैं। गरीब बच्चों को तीरंदाजी में किसी प्रकार की अड़चनें न आए, इसके लिए कोच ने स्वयं के रुपए से इंडियन तीर-धनुष 15 नग व नग एक रिकर्व तीर-धनुष खरीदा है। खिलाडिय़ों की प्रतिभा को निखार रहे हैं। ग्रामीण अंचल में जाकर उनकी प्रतिभा का परखने के साथ उन्हें खेल में आगे बढऩे के लिए पे्ररित करते हैं।
उन्होंने बहन के खेल से प्रेरित होकर अरुण लाल यादव से शिक्षा प्राप्त की थी। इस प्रशिक्षण में जिला तीरंदाजी संघ सचिव व कोच क्रिश कुमार चौहान का भी साथ मिल रहा है।
दिलाए कई पदक
कोच शेद यादव के पुत्र भरत यादव ने पिता से तीरंदाजी प्रशिक्षण प्राप्त किया। भरत यादव फरवरी महीने में एशिया चयन प्रतियोगिता में शामिल हो चुके हंै, वर्तमान में रायपुर संघ के नेतृत्व में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। भरत यादव ने छ: गोल्ड, चार रजत, चार कांस्य कुल 14 पदक राज्य को दिला चुका है। इसी तरह सब जूनियर तिरंदाजी प्रतियोगिता में भीष्म राज जांगड़े 14 वर्ष व माही जांगड़े 13 वर्ष में दो नेशनल खेल में भाल ले चुके हैं।
तीर-धनुष के प्रकार
तीरंदाजी के लिए चार प्रकार के तीर-धनुष आते हैं। पहला देशी होता है, जिसे ग्रामीण जानवरों से अपनी के लिए स्वयं बनाते हैं। दूसरा इंडियन तीर-धनुष को नेशनल स्तर तक के खिलाड़ी उपयोग करते हैं। इसकी कीमत बाजार में लगभग 6 हजार 5 सौ रुपए है। यह मणिपुर व कोलकाता से आते हैं। तीसरा रिकर्व और कंपाउंडण। यह एशिया कप व ओलंपिक खेल के लिए होता है। इसकी कीमत लगभग दो साल से ढाई लाख है। यह यूएसए व अन्य देशों से मंगाना पड़ता है।
Published on:
11 May 2018 10:35 am
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