
CG Monsoon 2024: काफी इंतजार के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून कोरबा पहुंच गया है। दिनभर उमस भरी गर्मी के बाद शाम को मौसम ने करवट ली और देर शाम शहर में झमाझम बारिश शुरू हो गई। देर रात तक बदलों का बरसने का सिलसिला जारी रहा।
मानसून की दस्तक के साथ ही तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। शहर का अधिकतम तापमान 36.7 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25.7 डिग्री दर्ज किया गया है। अधिकम और न्यनूतम तापमान में गिरावट के साथ ही मौसम सुहाना हो गया है। लोगों को उमस भरी गर्मी से थोड़ी राहत मिली है।
काफी इंतजार के बाद दक्षिण पश्चिम मानसून शुक्रवार को कोरबा पहुंचा। शाम को रिमझिम बारिश हुई और देर रात तक बादलों के बरसने का सिलसिला जारी रहा। पानी गिरने से लोगों को जहां उमस भरी गर्मी से राहत मिली है। वहीं खेती-बाड़ी की उमीद भी जगी है। मानसून की दस्तक और बादलों के बरसने से धरती में नमी आ गई है। उमीद है कि इसके साथ ही खेती-किसानी के कार्यों में भी तेजी जाएगी।
किसान काफी दिन से इस बारिश का इंतजार कर रहे थे। तेज गर्मी से खेतों में दरार पड़ गई है और हल से जोताई नहीं हो पा रही थी। अब बारिश से जब धरती में नमी आ गई है तब उमीद है कि इससे जोताई के कार्य में तेजी आएगी। इधर बारिश के साथ ही धान और बीज के उठाव में उमीद बनी हुई है। प्रदेश सरकार पिछले साल की तरह सहकारी सोसाइटियों से उनकी जरूरत के अनुसार खाद और बजी उपलब्ध करा रही है। किसानों के धान के बीज का बाजार भी तैयार है।
इसमें निजी बीज कंपनियां रिझाने की कोशिश कर रही हैं। उन्हें अपने धान की प्रजाति बताकर इसे लगाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। किसानों को मोटा धान की बजाए पतला धान की खेती के लिए प्रेरित कर रही हैं। मौसम विभाग ने आने वाले तीन से चार दिनों तक इसी तरह का मौसम रहने का अनुमान लगाया है।
मानसून की दस्तक के साथ ही जिले में गरज-चमक के साथ बारिश शुरू हुई। इसका असर बिजली की आपूर्ति पर पड़ा। गरज-चमक के कारण वितरण कंपनी ने शहर में होने वाली बिजली की आपूर्ति थोड़ी देर के लिए बंद कर दी। इससे पूरा शहर अंधेरे में डूब गया। बिजली बंद होने शहर के विभिन्न वार्डों में अंधेरा छा गया।
ग्रामीण क्षेत्रों में गरज-चमक के कारण बिजली आपूर्ति को बंद करना पड़ा। हालांकि गरज-चमक बंद होने के बाद वितरण कंपनी ने धीरे-धीरे बिजली की आपूर्ति बहाल कर दी। ग्रामीण क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर तेज हवा के साथ बारिश भी हुई। इससे बिजली के तारों पर असर पड़ा। विकासखंड पोड़ी के कुछ गांव में देर रात तक बिजली बहाल नहीं हो सकी थी। सुधार कार्य का सिलसिला जारी था।
मानसून की दस्तक के साथ ही बिजली की खपत में भी कमी आई है। आने वाले दिनाें में इसमें और गिरावट की संभावना जताई जा रही है। जैसे-जैसे मानसून की सक्रियता बढ़ेगी। वैसे-वैसे मौसम ठंडा होगा और इससे घरो में होने वाली बिजली की खपत कम होगी।
Published on:
22 Jun 2024 01:25 pm
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