
चोरी-छिपे किया जा रहा था दाह संस्कार, पुलिस को भनक लगते ही पानी डालकर बुझाया, फिर...
कोरबा. महिला छेड़छाड़ के आरोप में मारपीट और सामाजिक दंड को युवक बर्दास्त नहीं कर सका। निराश युवक ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। घटना के दो दिन बाद पुलिस को सूचना मिली। पुलिस मर्ग कायम कर जांच कर रही है।
घटना पाली थाना क्षेत्र के ग्राम छिंदपानी की है। गांव में रहने वाले बलराम कश्यप 35 ने मंगलवार दोपहर फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। गांव के कुछ लोगों के दबाव में आकर परिवार ने बलराम के खुदकुशी की जानकारी पुलिस को नहीं दी। दोपहर बाद शव का दाह संस्कार करने लगे। इस बीच पुलिस को सूचना मिली कि बलराम ने हताश होकर खुदकुशी की है। सूचनाकर्ता ने बलराम के साथ मारपीट किए जाने की भी बात पुलिस को बताई। पुलिस की एक टीम छिंदपानी भेजी गई। पुलिस ने पानी डालकर चीता की आग को बुझा दिया। शव से कुछ अद्धजली हड्डियों को जब्त किया। शाम होने के कारण पुलिस टीम लौट गई। बुधवार को पुलिस मामले की जांच करने ग्राम छिंदपानी पहुंची। परिवार के साथ गांव में रहने वाले कई लोगों का बयान दर्ज किया।
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इसमें पता चला है कि विकासखंड पाली के एक गांव में रहने वाली महिला से बलराम कश्यप ने छेड़छाड़ किया था। घटना के दिन महिला बलराम को नहीं पहचान सकी थी। घर लौटकर महिला ने अपने पति को छेडख़ानी की घटना से अवगत कराया था। इस बीच शनिवार को बलराम कश्यप ग्राम उड़ता के साप्ताहिक बाजार पहुंचा था। इस बाजार में छेडख़ानी की शिकार महिला भी पति के साथ पहुंची थी। महिला ने बलराम को पहचान लिया। उसने पति को घटना की जानकारी दिया। बलराम के साथ महिला के पति ने मारपीट की। उसे अपने गांव भी ले गया। सात सिंतबर को गांव छिंदपानी में एक सामाजिक बैठक हुई। इसमें बलराम को भी शामिल किया। बैठक में बलराम पर समाज की ओर से ५० हजार रुपए का अर्थदंड लगाया गया। उसे अपमानित भी किया गया। सामाजिक बैठक के बाद से बलराम खुद को अपमानित महसूस कर रहा था। आठ और नौ सितंबर को बलराम अपने घर से बाहर नहीं निकला। १० सितंबर को बलराम ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर लिया।
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सामाजिक बैठक में सरपंच भी था मौजूद
पुलिस को जांच में पता चला है कि सामाजिक बैठक मेें गांव छिंदपानी का सरपंच भी मौजूद था। उसकी उपस्थिति में जुर्माने की राशि तय की गई थी। बलराम के खुदकुशी की जानकारी परिवार वालों ने सरपंच सहित गांव के अन्य लोगों को भी दी थी। सरपंच सहित अन्य लोगों ने बलराम के परिवार को बताया था कि घटना से सामाजिक बैठक, मारपीट और जुर्माने का संबंध नहीं है। गांव के कुछ लोगों के कहने पर परिवार ने बलराम की मौत को सामान्य मानकर दाह संस्कार चालू किया था।
राजेश पटेल थानेदार, पाली
Published on:
11 Sept 2019 08:42 pm
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