ड्राइविंग के दौरान चालकों की लापरवाही खुलकर सामने आई है। पुलिस की जांच में 56 चालक शराब पीकर गाड़ी चलाते हुए पकड़े गए हैं।
पुलिस ने गाड़ियाें को जब्त कर लिया है। उनके कागजात भी पुलिस के पास हैं। पकड़े गए शराबी वाहन चालकों का लाइसेंस तीन माह के लिए निलंबित कराने पुलिस जल्द ही परिवहन विभाग को प्रस्ताव भेजने जा रही है। पुलिस ने बताया कि गुरुवार- शुक्रवार की रात अलग अलग थाना क्षेत्रों में गाड़ियों की जांच की। चालकों को रोका गया।
यह जानने का प्रयास किया गया है कि चालक शराब पीकर तो गाड़ी नहीं चला रहा हैं। पुलिस की कार्रवाई रात नौ बजे शुरू हुई, जो आधी रात तक चली। इस दौरान पुलिस अलग-अलग स्थान पर 56 वाहन चालकों को पकड़ लिया। सभी ने शराब पी थी। दस्तावेज को लेकर गाड़ियों को जब्त कर लिया। शराबी वाहन चालकों के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। केस तैयार कर कोर्ट में प्रस्तुत किया जा रहा है ताकि वाहन चालकों पर अधिक से अधिक जुर्माना लगाया जा सके। पुलिस ने बताया कि अलग अलग थाना क्षेत्रों में 800 से अधिक छोटी बड़ी गाड़ियों की जांच की गई है। इसमें 56 चालक शराब पीकर गाड़ी चलाते हुए पकड़े गए हैं। शराब पीकर शहर में गाड़ी चलाने वाले 10 लोग भी हत्थे चढ़े हैं।
दुर्घटना रोकना मकसद
इस जांच का मकसद सड़क दुर्घटना को रोकना है। कोरबा जिले में इस साल जनवरी से अक्टूबर तक सड़क दुर्घटना में 246 लोग मारे गए हैं। 500 से अधिक लोग घायल हुए हैं। पुलिस ने जांच के दौरान पाया है कि सबसे अधिक सड़क दुर्घटनाएं रात नौ बजे से रात 12 बजे के बीच हुई हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने नौ बजे से 12 बजे तक सड़क पर गाड़ियों की जांच की। यह जांच राजकीय राजमार्गों के अलावा राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी की गई।
पुलिस का कहना है कि इस समय पर आने वाले दिनों में भी गाड़ियों की औचक जांच की जाएगी। जांच के दौरान पुलिस ने गाड़ियों का फिटनेस, बीमा, परमिट, प्रदूषण सर्किटिफिकेट आदि की जांच किया। 75 गाड़ियों में खामिया पाई गई। पुलिस ने इन गाड़ियों के चालक से 38 हजार 500 रुपए तक जुर्माना वसूल किया है।