
45 डिग्री के बीच ट्रैंक्यूलाइज करने से दंतैल को नुकसान पहुंच सकता है इसलिए टीम लौटी
कोरबा. 45 डिग्री के बीच ट्रैंक्यूलाइज करने से दंतैल को नुकसान पहुंच सकता है। एक सप्ताह तक दंतैल पर निगरानी रखने के बाद टीम जशपुर के लिए रवाना हो गई है। अब बारिश के बाद टीम फिर से कोशिश करेगी।
कोरबा व धरमजयगढ़ रेंज में छह लोगों को कुचलने वाले दंतैल को टैंक्यूलाइज कर कॉलरआइडी लगाने की अनुमति मुख्यालय से ली है। पिछले ८ दिन से टीम लगातार दंतैल पर निगरानी कर रही थी। लेकिन दंतैल के बार-बार लोकेशन बदलने की वजह से टैंक्यूलाइज करने के लिए अनुकूल स्थिति नहीं बन सकी। दंतैल कभी छाल तो कभी कुदमुरा रेंज मेें उत्पात मचा रहा था। वर्तमान में दंतैल छाल रेंज में है। टीम को अब टैंक्यूलाइज करना टालना पड़ गया है। दरअसल ४५ डिग्री के बीच अगर दंतैल को टैंक्यूलाइज किया जाता है तो उसके स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है। उसकी जान पर भारी पड़ सकता है। ऐसी स्थिति को देखते हुए अब टीम ने बारिश तक टैंक्यूलाइज को टाल दिया है। हालांकि फिर बारिश में टीम को कई व्यवहारिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
14 हाथी गीतकुंवारी के समीप डेरा जमाएं
14 हाथी कुदमुरा रेंज के गीतकुंवारी में डेरा जमाए हुए हैं। जबकि दो अन्य हाथी फतेहपुर की ओर चले गए हैं। इसी तरह बालको रेंज मेंं 55 हाथी अब भी विचरण कर रहे हैं। तीन से चार रेंज में हाथियों की वजह से वन विभाग द्वारा निगरानी की जा रही है।
Published on:
10 Jun 2019 08:11 pm

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