30 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

45 डिग्री के बीच ट्रैंक्यूलाइज करने से दंतैल को नुकसान पहुंच सकता है इसलिए टीम लौटी

एक सप्ताह तक टीम दंतैल पर निगरानी रखने के बाद जशपुर के लिए हुई रवानाअब बारिश का इंतजार कर रही टीम उसके बाद फिर करेगी कोशिश

less than 1 minute read
Google source verification
एक सप्ताह तक टीम दंतैल पर निगरानी रखने के बाद जशपुर के लिए हुई रवाना

45 डिग्री के बीच ट्रैंक्यूलाइज करने से दंतैल को नुकसान पहुंच सकता है इसलिए टीम लौटी

कोरबा. 45 डिग्री के बीच ट्रैंक्यूलाइज करने से दंतैल को नुकसान पहुंच सकता है। एक सप्ताह तक दंतैल पर निगरानी रखने के बाद टीम जशपुर के लिए रवाना हो गई है। अब बारिश के बाद टीम फिर से कोशिश करेगी।
कोरबा व धरमजयगढ़ रेंज में छह लोगों को कुचलने वाले दंतैल को टैंक्यूलाइज कर कॉलरआइडी लगाने की अनुमति मुख्यालय से ली है। पिछले ८ दिन से टीम लगातार दंतैल पर निगरानी कर रही थी। लेकिन दंतैल के बार-बार लोकेशन बदलने की वजह से टैंक्यूलाइज करने के लिए अनुकूल स्थिति नहीं बन सकी। दंतैल कभी छाल तो कभी कुदमुरा रेंज मेें उत्पात मचा रहा था। वर्तमान में दंतैल छाल रेंज में है। टीम को अब टैंक्यूलाइज करना टालना पड़ गया है। दरअसल ४५ डिग्री के बीच अगर दंतैल को टैंक्यूलाइज किया जाता है तो उसके स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है। उसकी जान पर भारी पड़ सकता है। ऐसी स्थिति को देखते हुए अब टीम ने बारिश तक टैंक्यूलाइज को टाल दिया है। हालांकि फिर बारिश में टीम को कई व्यवहारिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

14 हाथी गीतकुंवारी के समीप डेरा जमाएं
14 हाथी कुदमुरा रेंज के गीतकुंवारी में डेरा जमाए हुए हैं। जबकि दो अन्य हाथी फतेहपुर की ओर चले गए हैं। इसी तरह बालको रेंज मेंं 55 हाथी अब भी विचरण कर रहे हैं। तीन से चार रेंज में हाथियों की वजह से वन विभाग द्वारा निगरानी की जा रही है।

Story Loader