
त्रिवेंद्रम में फंसा सीएसईबी के रिटायर्ड कर्मी का परिवार, लॉकडाउन खुलने का इंतजार
कोरबा. सीएसईबी के पूर्व कॉलोनी के 14-ब्लॉक में रहने वाला शर्मा परिवार करीब डेढ माह पहले तिवारी परिवार के सदस्यों के अलावा दो और परिवार बिलासपुर से रवाना हुए थे। सबसे पहले ये सभी मल्लिकार्जुन पहुंचे।
दर्शन के बाद बालाजी के लिए रवाना हुए। बालाजी से रामेश्वरम होते हुए मदुरै से त्रिवेंद्रम पहुंचे। यहां परिवार के सभी सदस्य एक होटल पहुंचकर रात्रि विश्राम किया।
दूसरे दिन शहर और आसपास के तीर्थ स्थल की यात्रा की। तीसरे दिन गुजरात द्वारिकाधीश के लिए रवाना होने वाले थे। होटल के कमरे में जब आराम कर रहे थे तब टीवी में समाचार देखा। कोरोना वायरस के बढ़ते प्रभाव के कारण एहतियात के तौर पर सभी को सुरक्षित रहने की अपील प्रसारित हो रही थी। स्थानीय प्रशासन भी पर्यटकों को जितनी जल्दी हो सके अपने घरों के लिए रवाना होने हिदायत भी दे रहे थे। आनन-फानन इन लोगों ने भी ट्रेन में अपनी टिकट बुक कराई।
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आरक्षण कंफर्म भी हो गया। दूसरे दिन सुबह छह बजे की ट्रेन से रवाना होने वाले थे। यहां पहुंचते ही पता चला कि ट्रेन रद्द हो गई है। 31 मार्च तक ट्रेनें रद्द रहेंगी। दूसरे दिन तय हुआ कि हवाई मार्ग से रवाना होंगे। टिकट के लिए जैसे ही एयरपोर्ट पहुंचे पता चला हवाई यात्रा भी रद्द कर दी गई है। वापस होटल में आ गए।
सभी लोग त्रिवेंद्रम के एक रेस्ट हाउस में ठहरे हुए है। इन सभी को एहतियात के तौर पर 14 दिनों तक क्वारंटाइन में रखा गया था। शुरूवाती दिनों में इनके सामने सबसे बड़ी दिक्कत भाषा और भोजन की थी। वापसी के लिए लगातार प्रयासरत है, स्थानीय प्रशासन लगातार इनके संपर्क में है। ये शहर वापस लौटना चाहते हैं, लेकिन कहीं से भी कोई विकल्प नहीं दिख रहा है। लॉकडाउन के तीन मई को समाप्त होने के बाद वापसी की उम्मीद है।
Published on:
27 Apr 2020 11:22 am
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