
साढ़े छह साल में तीन गुना राशि लौटाना का झांस देकर ठगी का मामला
कोरबा . साढ़े छह साल में निवेशक के पैसे को तीन गुना करने का झांसा देकर ठगी करने वाली चिटफंड कंपनी फ्यूचर गोल्ड इंफ्राबिल्ड के डायरेक्टर सत्येन्द्र सिंह भदौरिया को कोर्ट ने पांच साल कैद में रखने की सजा दी है।
अभियोजन अधिकारी अनिल गर्ग ने बताया कि 12 सितंबर, 2013 को चिटफंड कंपनी फ्यूचर गोल्ड इंफ्राबिल्ड में कटघोरा के रेशम विभाग में काम करने वाले कर्मचारी रामप्रसाद साहू ने तीन लाख 52 हजार रुपए जमा किया था। कंपनी ने साढ़े छह साल बाद तीन गुना 10 लाख 86 हजार 500 रुपए लौटाने का झांसा दिया था।
बांड की अवधि पूरी होती इसके पहले ही कंपनी रातों रात बोरिया बिस्तर बांधकर फरार हो गई। रामप्रसाद साहू ने चिटफंड कंपनी के खिलाफ कटघोरा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने जांच की। फ्यूचर गोल्ड इंफ्राबिल्ड के पांच डायरेक्टरों को आरोपी बनाया। एजेंट के खिलाफ भी केस दर्ज किया।
पुलिस ने कंपनी के डायरेक्टर सत्येन्द्र सिंह को भोपाल के कमला नगर से गिरफ्तार किया था। उसे कोर्ट में पेश किया था। मामले की सुनवाई कोरबा के चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की कोर्ट में चल रही थी। न्यायाधीश उर्मिला गुप्ता की कोर्ट ने डायरेक्टर सत्येन्द्र को निवेशकों के साथ धोखाधड़ी का दोषी माना।
आईपीसी की धारा 420 के तहत सत्येन्द्र को पांच साल कठोर कारावास की सजा दी। कोर्ट ने सत्येन्द्र को इनामी चिटफंड और धन परिचालन स्कीम के तहत भी सत्येन्द्र को दोषी ठहराया। उसे एक साल की सजा सुनाई गई। कोर्ट ने सत्येन्द्र पर 25 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है।
एक पकड़ा, बाकी फरार
इधर, वरिष्ट अधिवक्ता एलएन अग्रवाल ने बताया कि पुलिस ने चिटफंड कंपनी के खिलाफ जांच में कोताही बरती। कंपनी में छह डायरेक्टर थे। लेकिन एक डायरेक्टर सत्येन्द्र को ही पुलिस ने गिरफ्तार किया। उसके खिलाफ कोर्ट मेंं चालान पेश किया। पांच डायरेक्टरों पर पुलिस ने नरमी दिखाई। फरारी भी उनके खिलाफ चालान पेश नहीं किया।
अन्य आरोपियों के खिलाफ छानबीन जारी होने की बात कहकर फाइल को बंद कर दिया। इससे अन्य आरोपी बच गए हैं। उधर, पुलिस का कहना है कि एक अन्य आरोपी भोपाल की जेल में बंद है। उसे कोरबा लाया जाएगा।
Updated on:
26 Feb 2018 08:23 pm
Published on:
26 Feb 2018 08:10 pm

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