आगे चलकर नरईबोध की ओर खदान आगे बढ़ेगी। इसके पहले की तैयारी की जा रही है। जमीन पहले से उपलब्ध रहने पर खदान चलाने में कोई परेशानी नहीं होगी। इसे देखते हुए भी केंद्र सरकार द्वारा कोल बेरिंग एक्ट में जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है। खदान विस्तार के लिए चिंहित सभी जमीन मिलने के बाद खदान की उत्पादन क्षमता 70 मिलियन टन करने में मदद मिलेगी। गांव को लेने के बाद लोगों के लिए पुनर्वास की व्यवस्था की जाएगी। जमीन के बदले मुआवजा व पात्रों को नौकरी दी जाएगी।