कोरबा : भगवान जगन्नाथ को भक्तों ने रविवार को मौसी के घर से वापस मंदिर धूमधाम के साथ लेकर पहुंचे। ग्राम दादरखुर्द में पूरे विधि-विधान के साथ बाहुड़ा यात्रा निकाली गई। झमाझम बारिश के बीच रथ खींचने श्रद्धालुओं की खासी भीड़ रही। पिछले 117 वर्षो से दादरखुर्द में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा निकाली जाती है। १४ जुलाई को भी बड़े हर्ष उल्लास के साथ रथयात्रा का आयोजन किया गया था। हर वर्ष आषाढ़ शुक्ल की द्वितीया को यह पर्व धूमधाम के साथ दादरखुर्द गांव में मनाया जाता है। रविवार को भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा, भाई बलभद्र के साथ भक्तों ने रथ को खींचकर मंदिर लेकर पहुंचे। जहां रास्ते में भगवान के जयकारे लगाएं गए। सबसे पहले जगन्नाथ मंदिर के पट खोलकर भगवान की पूजा अर्चना की गई। लाई व मूंग दाल का भोग लगाया गया। इस दौरान स्थानीय महिलाओं ने पूजा की थाली लिए दर्शन करने बाहर खड़ी रही। इसके बाद भगवान को रथ की पांच परिक्रमा कराई गई। भगवान के सवार होने के बाद रथ को खींचने भीड़ उमड़ पड़ी। इसी बीच हुई झमाझम बारिश ने माहौल को ओर भक्तिमय बना दिया। भगवान को मंदिर में विराजमान किया गया।