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कोरबा ही नहीं, इस ठग ने कवर्धा, जशपुर, सूरजपुर और सरगुजा में भी की है ठगी, पढि़ए खबर…

- दो माह बाद भी गिरफ्तार नहीं कर सकी पुलिस -शंकरलाल की धोखाधड़ी के शिकार लोगों की संख्या 100 से अधिक पहुंच गई है
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कोरबा

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Shiv Singh

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Updated: 8 Jul 2018, 10:11 PM IST

कोरबा ही नहीं, इस ठग ने कवर्धा, जशपुर, सूरजपुर और सरगुजा में भी की है ठगी, पढि़ए खबर...

कोरबा ही नहीं, इस ठग ने कवर्धा, जशपुर, सूरजपुर और सरगुजा में भी की है ठगी, पढि़ए खबर...

कोरबा. शातिर ठग शंकरलाल रजक ने फर्जी ऋण पुस्तिका और सरकारी विभागों का मोहर कहां से बनाया? उसके गिरोह में और कौन-कौन शामिल है?
ये ऐसा सवाल है जिसका जबाव पुलिस भी ढूृंढ रही है। लेकिन इसका जबाव पुलिस को तब तक नहीं मिलेगा, जब तक शंकरलाल रजक और उसका गिरोह पकड़ में नहीं आए। शंकरलाल ने लोगों ठगने के लिए जो ऋण पुस्तिका और पेपर दिया है। वह देखने बिल्कुल मूल दस्तावेज के जैसा है। इसका पन्ना भी सरकारी ऋण पुस्तिका के पन्नों से मिलता जुलता है। इस पर लगा सील मोहर भी सरकारी विभागों के मोहर से मिल रहा है।

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ऐसे में सवाल है कि शंकर तक ऋण पुस्तिका कैसे पहुंचा? बुड़बुड़ सरायपाली में खुद की जमीन बताकर खरीदी करने वाले लोगों के सामने खड़े होने वाले फर्जी भू-स्वामी कौन थे? ठगी के हाइटेक तरीके से पुलिस भी हैरान है। शंकरलाल की धोखाधड़ी के शिकार लोगों की संख्या से १०० से अधिक पहुंच गई है। पुलिस का अनुमान है कि ठग शंकरलाल ने ठगी के जरिए डेढ़ से दो करोड़ रुपए बंटोरा है। पुलिस धोखाधड़ी का केस दर्ज कर शंकरलाल की तलाश कर रही है। इस ठगी में शंकरलाल के दोनों पुत्र अजय और रवि रजक भी बराबर से साझेदार हैं। पुलिस उनकी भी तलाश कर रही है। इसमें सिद्धार्थ मंहत का नाम एक आरोपी भी शामिल है। बताया जाता है कि सिद्धार्थ फर्जी दस्तावेज और उसकी कूट रचना करने में माहिर है।

कोरबा ही नहीं कवर्धा और जशपुर से भी ठगी
ठग शंकरलाल ने जमीन और नौकरी का झांसा देकर कोरबा ही नहीं कवर्धा, जशपुर, सूरजपुर और सरगुजा जिले भी ठगी की है। यही नहीं महाराष्ट्र में रहने वाले आधा दर्जन लोगों भी चूना लगाया है। ठगी का तरीका एक ही जैसा है। उसने लोगों को बताया है कि एसईसीएल पाली विकासखंड के गांव सरायपाली बुड़बुड़ में खदान खोलने जा रहा है। इसके लिए कंपनी को जमीन की जरूर होगी।

जमीन रखीदने पर अधिग्रहण के दौरान अधिक रुपए और परिवार के एक सदस्य को नौकरी मिल सकेगा। पैसे और नौकरी की लाचच में पड़कर १०० से अधिक लोगों ने अपनी गाढ़ी कमाई गवां दी है। इसमें बांकीमोंगरा के घुड़देवा में रहने वाले शिक्षक मार्टिन खलखो भी शामिल हैं। जिन्होंने अपने पुत्र और रिश्तेदारों की नौकरी के झांसे में पड़कर शंकरलाल से चार एकड़ जमीन के लिए सौदा किया।

खलखो ने शंकरलाल और उसके पुत्रों को 38 लाख 52 हजार रुपए दिया था। शंकर ने खलखो के सामने फर्जी भू- स्वामियों को खड़ा कर दिया। उन्हें सरायपाली बुड़बुड़ का निवासी बताया। खलखो को शंकरलाल पर इतना भरोसा हो गया कि उन्होंने रजिस्ट्री कराए बिना पूरा पैसे रजक को दे दिया। रजक ने जमीन रजिस्ट्री हो गई है। बताकर फर्जी ऋण पुस्तिका और बी-१, नक्शा खसरा भी प्रदान कर दिया। ठगी के पता चलने पर परिवार परेशान है। पैसे लौट जाएं। इसकी उम्मीद लगाए बैठे हैं।