
कोरबा . साल भर विवाह कराने के लिए अफसरों ने कभी बजट का रोना रोया। तो कभी सामान खरीदी नहीं हो पाने का बहाना बताया। बाद मेें सामूहिक निर्धन कन्या विवाह का २४ लाख रूपए अफसरों ने अपने खाते में जमा कर दिया। वह भी कलेक्टर की अनुमति के बगैर। कलेक्टर ने अफसरों को जमकर फटकार लगाते हुए शोकॉज नोटिस थमाया है।
ये कारनामा महिला एवं बाल विकास विभाग के अफसरों ने किया है। विभाग को वर्ष २०१७-१८ के लिए सामूहिक निर्धन कन्या विवाह कराना था। लेकिन पहले तो अफसरों ने यह तर्क दे दिया कि उनके पास फंड नहीं आया है। लेकिन जब फंड मिल गया तो भी शादी नहीं कराई गई। सामान्य रूप से नवंबर से फरवरी के बीच शादी कराई जाती है। लेकिन अप्रैल बीतने को आ गया। उसके बाद भी अब तक शादी नहीं कराई गई है।
दो दिन पहले कलेक्टर ने महिला एवं बाल विकास विभाग के अफसरों की बैठक बुलाई थी। बैठक में यह मुद्दा उठा। कलेक्टर से बिना अनुमति के महिला एवं बाल विकास के अफसरों ने राशि को अपने खातों में डाल दिया था। जब कलेक्टर ने इसकी जानकारी ली। तो अफसरों ने कहा कि राशि का लेप्स होने का खतरा था। इसलिए आनन-फानन में यह किया गया। कलेक्टर ने अफसरों को जमकर फटकार लगाकर शोकॉज नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
१०७ जोड़ों का होना था सामूहिक विवाह
जिस फंड को अफसरों ने अपने खाते में डाला। उससे जिले के १०७ निर्धन जोड़ों का विवाह होना था। लेकिन अब तक अधिकारियेां ने शादी नहीं करवाई। पूर्व में यह कहा गया था कि जोड़ों का पंजीयन चल रहा है। लेकिन बाद में प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई।
परियोजनाओं में दो हिस्सों में राशि डाली गई
अलग-अलग परियोजनाओं के अफसरों के खाते में यह राशि डाली गई। कोरबा परियोजना व कटघोरा परियोजना में यह राशि डाली गई। हालांकि विभाग का तर्क है कि सिर्फ राशि को लेप्स से बचाने के लिए यह प्रक्रिया की गई। एक-एक पैसे का रिकार्ड है।
Published on:
21 Apr 2018 10:47 am
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