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आरटीई : पहले दिन नहीं खुला पोर्टल, भटकते रहे अभिभावक

- रविवार से नि:शुल्क शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत अभिभावकों को करना था आवेदन
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कोरबा

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Shiv Singh

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Updated: 16 Apr 2018, 11:47 AM IST

आरटीई : पहले दिन नहीं खुला पोर्टल, भटकते रहे अभिभावक

कोरबा . आरटीई के तहत एडमिशन को लेकर पहले दिन अभिभावकों को भटकना पड़ा। दरअसल पोर्टल में अभिभावकों के लिए लिंक शो नहीं कर रहा था। अधिक संख्या में अभिभावक शिक्षा विभाग के दफ्तर पहुंचते रहे। लेकिन रविवार को छुट्टी होने की वजह से कार्यालय में ताला लगा रहा। ऐसे में अभिभावकों की नाराजगी देखी गई कि किसी एक कर्मचारी को हेल्प डेस्क के लिए रखना था।

रविवार से नि:शुल्क शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत ऑनलाइन फार्म जमा होगा शुरू होना था।। लेकिन जिस आय वर्ग के अभिभावकों को अपने बच्चों के लिए फार्म जमा करना है उनके पास इंटरनेट की किसी प्रकार की सुविधा नहीं है। इसके लिए सहायक नोडल, शिक्षा विभाग ना ही निजी स्कूलों ने किसी प्रकार का हेल्प डेस्क बनाया है।

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आरटीई के तहत एडमिशन की प्रक्रिया को लेकर शिक्षा और निजी स्कूलों द्वारा शुरू से ही काफी लेटलतिफी बरती गई है। 15 अप्रैल तक निजी स्कूलों को अपनी जानकारी ऑनलाइन अपलोड करनी थी। रविवार होने की वजह से विभाग को यह सूची अब सोमवार को ही मिल सकेगी कि कितनें स्कूलों ने जानकारी दी है।

इधर अब एडमिशन के लिए अभिभावकों के लिए एडूपोर्टल सोमवार से खुलेगा। जहां अभिभावक अपने मोहल्ले या फिर वार्ड के हिसाब से नजदीकी स्कूल का चयन करेंगे। लेकिन अभिभावकों के लिए यह परेशानी हो रही है कि अब उनके पास इंटरनेट की सुविधा नहीं है। उनको कहां से फार्म जमा करना है। किस स्कूल में कितनी सीटेंं हैं। कब लॉटरी निकलेगी। इसका प्रचार-प्रसार नहीं किया गया है। पहली बार ऑनलाइन एडमिशन की प्रक्रिया होने से अभिभावकों को कई परेशानी है। इसके पहले तक सहायक नोडल अधिकारी तक फार्म जमा करने के बाद प्रक्रिया पूरी हो जाती थी। लेकिन अब यह बदल चुकी है।

च्वाइस सेंटर जाने की सलाह
शिक्षा विभाग द्वारा अभिभावकों को च्वाइस सेंटर जाने की सलाह दी जा रही है। लेकिन अपने स्तर पर कोई सुविधा नहीं दी जा रही है। सेंटर में जाने से अभिभावकों को अतिरिक्त ५० रूपए तक खर्च करने पड़ेंंगे।

एक-एक सीट पर कई दावेदार
शहर के बड़े स्कूलोंं में सीटों को लेकर इस बार काफी माथापच्ची की स्थिति रहेगी। जिसमें एक-एक सीट के लिए कई दावेदार रहेंगे। हालंाकि पिछली बार शिक्षा विभाग की उदासीनता की वजह से इसमें सक्रियता नहीं दिखी थी।

स्कूलों ने अपलोड नहीं की जानकारी

सार्वजनिक होने के डर से स्कूलों ने पोर्टल में अपनी जानकारी अपलोड करने में देरी की। गुरुवार को डीईओ की बैठक के बाद भी शुक्रवार की शाम तक लगभग ९० से अधिक स्कूलों ने अपनी जानकारी नहीं दी थी। दरअसल पोर्टल में कई बिंदुओं मेंं जानकारी मांगी गई है। जिसमें पिछले साल की कुल आरटीई सीटें, उसमें कुल एडमिशन, शेष सीटें, वर्तमान में सीटों की जानकारी मांगी गई है। जिसकी जानकारी देने पर पकड़े जाने का खतरा सता रहा है।