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पंच का शौचालय अधूरा, जहां बने हैं वे भी घटिया, लोगों ने रखे लकड़ी व कंडे

ऐसी है ओडीएफ की कहानी
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कोरबा

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Shiv Singh

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Updated: 4 Jul 2018, 12:33 AM IST

पंच का शौचालय अधूरा, जहां बने हैं वे भी घटिया, लोगों ने रखे लकड़ी व कंडे

पंच का शौचालय अधूरा, जहां बने हैं वे भी घटिया, लोगों ने रखे लकड़ी व कंडे

कोरबा. जिले को खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) घोषित कर दिया गया है। लेकिन सच्चाई यह है कि आधे-अधूरे शौचालयों का ग्रामीण उपयोग नहीं कर पा रहे हैं तो उन्होंने शौचालयों में कंडे रखे हुए हैं। कोथारी के समीप स्थित ग्राम पंचायत बीरतरई के आश्रित ग्राम डंगनियापारा में निवासरत सभी परिवारों की स्थिति एक जैसी है।
बीरतरई यहां शौचालय का ढांचा तो खड़ा किया है। लेकिन शौचालय में न तो गड्ढे खोदे गए हैं, और ना ही शीट बैठाया गया है। व्यवस्था कुछ ऐसी है कि स्वयं गांव के पंच भी अपने आंगन में चाहते हुए भी शौचालय नहीं बनवा पा रहे हैं। वे अब भी खुले में ही शौच करने के लिए विवश हैं। कुछ ग्राणी शौचालयों को उपयोग स्टोर रूम की तरह कर रहे हैं। जहां उन्होंने गोबर के कंडे, लकड़ी जैसे उपयोगी सामानों को भरकर रखा हुआ है।
ननकी यादव ने बताया कि उसके घर में लगभग एक साल पहले शौचालय निर्माण का काम शुरू हुआ था, लेकिन अब भी शौचालय अधूरा है। केवल कुछ र्इंट से दीवार खड़ी की कई है। छत तक का पता नहीं है। ऐसे अधूरे शौचालय का होना या नहीं होना एक जैसा है। सरपंच से पूछने पर वह कहता है कि जल्द ही शौचालय का काम पूरा हो जाएगा।
आधा-अधूरा है शौचालय
बीरतरई के पंच इतवार सिंह का कहना है कि मेरे खुद के घर में भी अब तक शौचालय नहीं बन सका है। सरपंच से कई बार शौचालय निर्माण को लेकर झगड़ा कर चुका हूं। सरपंच द्वारा शौचालय निर्माण तो दूर मासिक बैठक तक नहीं ली जाती। निर्माण सामग्री को भी अपनी मर्जी सेे यहां से वहां ले जाते रहता है। कई ग्रामीणों के शौचालय अधूरे हैं। जिसकी शिकायत भी की थी। लेकिन कोई हल नहीं निकला। सरपंच केवल जल्दी बनवा दूंगा इतना भर कहता है।

केवल ढांचा ही बना
घर के आंगन काफी समय पहले शौचालय का निर्माण शुरू था। लेकिन उपर का ढांचा बनाकर इसे अधूरा छोड़ दिया गया है। इसे पूरा करने के लिए ग्रामीण लगातार गुहार लगा रहे हैं लेकिन अभी तक स्थिति जस की तस है। शौचालय में गड्ढा तक नहीं बनाया गया है। शीट व दरवाजा भी नहीं है। इस कारण ग्रामीण फिलहाल शौचालय का इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं। डंगनियापारा के सभी घरों का यही हाल है। बरसात में समस्या और भी बढ़ जाती है।

-जिले के सभी गांव ओडीएफ घोषित हैं। फिर भी यदि कहीं ऐसी स्थिति है, तो इसकी जांच के करवाने के बाद सरपंच व सचिव के विरूद्ध कार्रवाही की जाएगी और काम को पूरा करवाया जाएगा।
बीएस राजपूत, एपीओ, स्वच्छ भारत मिशन