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बाबू जी धीरे चलना, इस राह में जरा संभलना, हां बड़े गड्ढे हैं, बड़े गड्ढे हैं इस राह में…

कुदमुरा से हाटी की ओर जाने वाली मार्ग में डामरीकरण का अतापता नहीं है, जगह-जगह से डामर व मुरुम उखड़ चुके हैं।

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कोरबा

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Shiv Singh

Jul 23, 2018

बाबू जी धीरे चलना, इस राह में जरा संभलना, हां बड़े गड्ढे हैं, बड़े गड्ढे हैं इस राह में...

बाबू जी धीरे चलना, इस राह में जरा संभलना, हां बड़े गड्ढे हैं, बड़े गड्ढे हैं इस राह में...

कोरबा/करतला. भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता चुनावी साल में सरकार की उपलब्धियों गिनाने के लिए मतदाताओं के घर-घर जा रहे हैं और उन्हें बता रहे हैं कि भाजपा सरकार जन कल्याण कार्य कर रहे हैं लेकिन सरकार की इन उपलब्धियों को ग्रामीण क्षेत्र की सड़कें आइना दिखाने का काम कर रही हैं। ऐसी एक सड़क उरगा से हाटी जाने वाली है।

इस जजर्र सड़क की हालत बारिश में इतनी खराब हो चुकी है कि दो पहिया,चार पहिया वाहनों से आवागमन करने की बात तो दूर पैदल तक चलना मुश्किल हो गया है। वर्तमान में उरगा -हाटी मार्ग स्थित करतला से कुदमुरा सड़क की हालत बेहद खराब है। इस पूरे मार्ग पर बड़े-बड़े गड्ढे हो जाने की वजह से राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बड़े-बड़े बोल्डरों और गड्ढों की वजह से वाहन सड़क पर रेंगते नजर आ रहे है। मार्ग में चलने में न सिर्फ समय अधिक लगता हैं बल्कि पेट्रोल डीजल की खपत भी ज्यादा होती है। रोड की दयनीय हालत प्रशासन को कोस रही है।

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उरगा-हाटी मार्ग की निर्माण करीब एक साल पहले प्रशासन ने ठेकेदारों को सड़क निर्माण के लिए अधिकृत किया था लेकिन इसके बावजूद सड़क निर्माण ठेकेदार की लेटलतीफी से मार्ग की स्थिति पूरी तरह जर्जर है। जर्जर हुए रास्ते पर चलने से वाहनों की हालत खराब हो रही है। लगातार इस सड़क पर चलने वाले वाहनों का मेंटनेंस खर्च बढ़ रहा है। मार्ग पर चलने वाले वाहन चालकों ने बताया कि करतला से कुदमुरा तक सड़क पर बड़े-बड़े गडढे हैं। इसकी वजह से दुर्घटना का जोखिम बना हुआ है।

उल्लेखनीय है कि कुदमुरा-हाटी मार्ग किनारे ऐसे कई गांव बसे हुए हैं जो हाथी प्रभावित हैं। यहां आए दिन हाथियों का समूह विचरण करता रहता है। हाथियों के उत्पात से करतला वन परिक्षेत्र के ग्रामीणों में दहशत व्याप्त रहता है। इस मार्ग से किसी आवश्यक कार्य के लिए जाने के दौरान जल्द से जल्द निकलना चाहते हैं लेकिन सड़क की स्थिति इतनी खराब है कि इन्हें रेंगते हुए जाना पड़ता है।

सड़क का पता नहीं, सिर्फ गड्ढे ही गड्ढे
कुदमुरा से हाटी की ओर जाने वाली मार्ग में डामरीकरण का अतापता नहीं है। जगह-जगह से डामर व मुरुम उखड़ चुके हैं। इससे मार्ग में गड्ढे ही गड्ढे नजर आते हैं। इन गड्ढों में बारिश का पानी भरने से लोगों को इसका अंदाजा नहीं लग पाता।

दिन-रात दौड़ते हैं भारी वाहन
इस मार्ग पर दिन-रात भारी वाहनों एवं यात्री बसों का आवागमन होता है। सड़कों की जर्जर स्थिति के कारण वाहन चालकों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ता है। इस मार्ग पर सड़क की जर्जर स्थिति के कारण आए दिन छोटी-बड़ी दुर्घटनाएं घटित होती रहती है। इसके बावजूद प्रशासन मार्ग को सुधारने ध्यान नहीं दे रहा है। यात्री बसों के दुर्घटनाग्रस्त होने से गंभीर स्थिति निर्मित हो सकती है। सड़कों पर चलने वाले लोग अपनी जान को जोखिम में डालकर अपने गंतव्य तक पहुंच रहे है। मंजिल पहुंचने के बाद राहगीर व परिजन राहत की सांस लेते हैं। इससे पहले उनकी सांसे अटकी रहती है।

रायगढ़ जिले को जोड़ती है ये सड़क
वनांचल क्षेत्र के लोगों के लिए उरगा हाटी मार्ग बेहद महत्वपूर्ण है। इसी रास्ते से लोग रायगढ़ तक आवागमन करते हैं। वाहनों की भी संख्या अधिक रहती है और इसी प्रकार रायगढ़, धरमजयगढ़ से लोग कोरबा, उरगा,करतला आदि की ओर आवागमन करते हैं।

अधिकारी नहीं करते मौका-मुआयना
जिले में सड़कों का जाल बिछाने का दावा करने वाले विभागीय अधिकारी मौका-मुआयना करना मुनासिब नहीं समझते हैं। यही कारण है कि इन अधिकारियों की सड़कों की वास्तविक स्थिति का ज्ञान नहीं है और जब ग्रामीण इन सड़कों की समस्या की जानकारी उन्हें देते हैं तो वे मात्र आश्वासन देकर उन्हें वापस लौटा देते हैं लेकिन समस्याओं का समाधान नहीं होता है। इससे ग्रामीणों का विश्वास प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से उठता जा रहा है। इन्हें आवागमन में रोजाना मुसिबतों से दो-चार होना पड़ रहा है, लेकिन इस ओर किसी का ध्यान नहीं है।

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