
उमड़े पूरा गांव, शहरवासी भी अधिक संख्या में पहुंचे ग्राम दादर
कोरबा. जग के पालनहार रथ पर सवार होकर निकले तो पूजन के लिए पूरा गांव व शहर से पहुंचे लोग उमड़ पड़े । भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ भगवान जगन्नाथ को मंदिर से बाहर पूरे विधान के साथ निकालकर रथ की सात बार परिक्रमा कराई गई। जैसे ही श्रद्धालुओं को भगवान ने दर्शन दिए जय जगन्नाथ के जयकारेंं से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।
शनिवार को दादरखुर्द सहित जिले के अन्य स्थानों पर भगवान जगन्नाथ की यात्रा निकाली गई। भगवान जगन्नाथ का रथ को खींचने के लिए हर श्रद्धालु आतुर नजर आया। प्रात: सात बजे से भगवान जगन्नाथ की पूजा अर्चना प्रारंभ की गई। दोपहर दो बजे से समिति द्वारा भंडारे का आयोजन किया गया। शाम पांच बजे भगवान जगन्नाथ की पूजा अर्चना कर महाआरती की गई।
इसके बाद भगवान जगन्नाथ, सुभद्रा, बलभद्र तथा बजरंगबली की मूर्ति को जयकारे के साथ मंदिर से बाहर रथ की सात बार परिक्रमा की गई। जय जगन्नाथ की जयकारों के साथ परिक्रमा के दौरान आगे करमा नर्तक दल तथा इसके पीछे भक्तगण मूर्तियों को हाथों में लेकर रथ की परिक्रमा कर विराजमान किया गया।
इसके बाद रथयात्रा प्रारंभ हुई। इसी बीच हल्की बारिश शुरू हो गई। रथयात्रा गांव का भ्रमण करते हुए रामजानकी मंदिर स्थित भगवनान जगन्नाथ की मौसी के घर पहुंची। जगन्नाथ प्रभु अब यहां वे नौ दिनों तक आराम करेेंगे और फिर 23 जुलाई को रथयात्रा की वापसी होगी।
विधायक, महापौर व सांसद से लेकर अन्य नेताओं ने भी की शिरकत
रथ यात्रा में कोरबा विधायक जयसिंह अग्रवाल, महापौर रेणु अग्रवाल, सांसद डॉ बंशीलाल महतो, पूर्व महापौर जोगेश लांबा समेत बीजेपी के जिलाध्यक्ष अशोक चावलानी, कांग्रेस ग्रामीण अध्यक्ष उषा तिवारी समेत कई पार्षद भी दादरखुर्द पहुंचकर भगवान जगन्नाथ की पूजा अर्चना की।
गांव के बाहर तक रही भीड़, वाहनों पर रहा प्रतिबंध
रथयात्रा के दौरान ग्राम दादरखुर्द में मेला सा माहौल नजर आया। लोग अपने परिजनों, बच्चों के साथ रथयात्रा में शामिल होने पहुंचे। यहां बच्चों के खिलौने, गुब्बारे, विभिन्न मिठाईयों की दुकानें लगाई गई थीं। दुकानों पर लोगों ने अपनी पसंद की मिठाईयां लेकर घर वापस लौटे। बड़े झूले भी लगाए गए थे। गांव के अंदर से लेकर बाहर पहुंच मार्ग तक लोगों की खासी भीड़ रही।
पुलिस की चाक चौबंद व्यवस्था
रथयात्रा के दौरान उपद्रवियों पर नजर रखने एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने पुलिस विभाग द्वारा चाक चौबंद व्यवस्था की गई थी। बड़ी संख्या में पुलिस कर्मियों को सुरक्षा के लिए तैनात किया गया था। लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए वाहन चालकों को वाहन लेकर गांव के भीतर प्रवेश वर्जित कर दिया था। रथयात्रा में शामिल होने वाले लोगों को गांव के बाहर वाहन खड़ी करने कहा जाता रहा। इससे लोगों को परेशानी नहीं हुई। मंदिर समिति द्वारा भी इस बार बेहतर व्यवस्था की गई थी। जिससे श्रद्धालुओं को आसानी से भगवान के दर्शन हो सके।
Published on:
14 Jul 2018 08:43 pm
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