
ठेका कंपनी के मैनेजर ने ड्राइवर को लात-घूसे व डंडे से पीटा, नाराज ड्राइवरों ने किया काम बंद, वेतन से पैसे मांगने का भी लगाया आरोप
कोरबा. मानिकपुर खदान से मिट्टी लेकर ओवरबर्डन जा रहा टीपर पलट गया। घटना से आक्रोशित ठेका कंपनी के मैनेजर ने डंडे से ड्राइवर की पिटाई कर दी। इससे नाराज ड्राइवर हड़ताल पर चले गए। फस्र्ट शिफ्ट में आठ घंटे तक मिट्टी खनन का कार्य बंद रहा। मजदूरों का कहना है कि ठेका कंपनी का मैनेजर प्रतिमाह मजदूरों की वेतन से आठ से 10 हजार रुपए की मांग रहा है। नहीं देने पर स्थानीय मजदूरों को एक एक कर काम से बाहर निकाल रहा है। ड्राइवर से मारपीट के आरोप में पुलिस ठेका कंपनी के मैनेजर पर केस दर्जकर लिया है। हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
ओडिशा की कंपनी नारायणी संस एंड प्राइवेट लिमिटेड को एसईसीएल ने मानिकपुर ओपेन कॉस्ट खदान से मिट्टी खनन कर ओवर बर्डन तक ले जाने का ठेका दिया है। ठेका कंपनी 37 गाडिय़ों के जरिए मिट्टी खनन कर रही है। रविवार सुबह लगभग 4.30 बजे एक गाड़ी ढलान पर पलट गई। इसकी सूचना पर ठेका कंपनी का मैनेजर मोहंती पहुंचा। उसने ड्राइवर दीनानाथ बरेठ को लात घूसे से मारा। साथ ही गाड़ी के टूटे हुए पार्ट्स को उठाकर ड्राइवर के पीठ व पैर पर मारा। ड्राइवर को अपनी गाड़ी में बैठाकर कैंप ले गया। वहां भी मारने की कोशिश की, लेकिन एसईसीएल के अफसर ने रोक दिया।
घटना की सूचना मिलते ही ड्राइवर एकजुट हो गए। ड्राइवर से मारपीट के विरोध में काम बंद कर दिया। ड्राइवर एकजुट होकर मानिकपुर क्लब मेें बैठ गए। मारपीट की सूचना मानिकपुर चौकी पुलिस को दी गई। पुलिस ने घायल ड्राइवर की मेडिकल जांच कराई। इसके आधार पर मैनेजर मोहंती के खिलाफ मारपीट और गाली गलौज का केस दर्ज किया है। रविवार की शाम पुलिस ने मोहंती को पूछताछ के लिए चौकी में बैठा लिया है। इसकी जांच चल रही है।
गाड़ी पर हेल्पर नहीं
खदान में चलने वाली गाडिय़ों पर ठेका कंपनी ने हेल्पर भी नहीं रखा है। घायल ड्राइवर ने बताया कि गाड़ी का पहिया पंचर होने पर भी ठेका कंपनी स्थानीय ड्राइवरों को काम से बाहर निकाल रही है।
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वेतन से पैसे मांग रहा मैनेजर, मना करने पर काम से हटाया
काम बंद हड़ताल पर बैठे ड्राइवर सहित अन्य स्टॉफ ने कंपनी के मैनेजर मोहंती पर स्थानीय युवाओं को एक एक कर काम से बाहर निकालने का आरोप लगाया है। बताया जाता है कि एसईसीएल प्रबंधन मजदूरों को बॉयोमेट्रिक्स हाजिरी के आधार पर वेतन का भुगतान कंपनी से करा रहा है। लेकिन ठेका कंपनी के अधिकारी मजूदरों को मिलने वाली न्यूनतम वेतन में से पांच से आठ हजार रुपए की मांग कर रहे हैं। इसे नहीं देने वाले मजदूरों को काम से हटा रहे हैं। बाहर से मजदूर बुलाकर काम करा रहे हैं।
-ठेका कंपनी के मैनेजर पर ड्राइवर से मारपीट और गाली गलौज के आरोप में केस दर्ज किया गया है। पैसे नहीं देने पर मजदूरों को काम से बाहर निकालने की शिकायत भी मिली है। इसकी जांच चल रही है। दुर्गेश शर्मा, थानेदार, कोतवाली
Published on:
20 Oct 2019 07:28 pm

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