
प्रबंधन के साथ श्रमिक संगठनों की चल रही तकरार के बीच बीएमएस नेता लक्ष्मण चंद्रा ने कोल इंडिया की नीति की आलोचना की है।
कोरबा . कोल इंडिया में अनुकंपा नौकरी और वॉलेंटरी रिटायमेंट स्कीम (वीआरएस) पर प्रबंधन के साथ श्रमिक संगठनों की चल रही तकरार के बीच बीएमएस नेता लक्ष्मण चंद्रा ने कोल इंडिया की नीति की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि अनुकंपा नौकरी की शर्त में बदलाव नहीं होनी चाहिए। इसे पूर्व की तरह जारी रखना चाहिए। साथ ही वीआरएस से रिक्त होने वाले पद पर नई भर्ती होनी चाहिए।
लक्ष्मण चंद्रा ने उक्त बाते पत्रिका के टॉपिक ऑफ द डे कार्यक्रम में कहीं। पत्रिका कार्यालय में चर्चा करते हुए चन्द्रा ने कहा कि कोल इंडिया द्वारा हाल में लाई गई वीआएस भारतीय मजदूर संघ को स्वीकार नहीं है।
इससे कोयला मजदूरों का भला नहीं होगा। इसमें बदलाव की जरूरत है। साथ ही प्रबंधन ने वीआरएस से रिक्त होने वाले पद को खत्म करने का प्रस्ताव दिया है। यह भी संघ का मंजूर नहीं है। वीआरएस से रिक्त पद पर भर्ती होनी चाहिए। इससे रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। चन्द्रा जेबीसीसीआई के सदस्य है। उन्होंने वेतन समझौते की सराहना की है। साथ कहा कि आने वाले दिनों में कर्मिशियल माइनिंग से कोल इंडिया को बड़ी चुनौती मिलने वाली है।
काम करना चाहता है मजदूर
उन्होंने कहा कि आउट सोर्सिंग से कराए जा रहे काम का सीधा असर नियमित कर्मचारियों पर पड़ा है। छोटे छोटे कार्य बाहर से कराए जा रहे हैं। इससे नियमित कर्मचारियों को काम नहीं मिल रहा है। जबकि कर्मचारी काम करना चाहता है। कई बार मांगने के लिए भी मजदूरों ने हड़ताल किया है।
खनन के लिए नई तकनीक लाए प्रबंधन
जिले की भूमिगत कोयला खदानों में कम हो रहे उत्पादन पर लक्ष्मण चंद्रा ने कहा कि इसके लिए प्रबंधन दोषी है। अधिकांश कोयला खदाने पुरानी हो गई है। कोयले की फेस तक आने जाने में मजूदर को एक से दो घंटे तक समय गुजर जाता है। इससे का असर उत्पादन पर पड़ता है। काम की अवधि घट जाती है। प्रबंधन को चाहिए है कि कोयला खनन के लिए नई तकनीक लेकर आए। साथ ही खदान के मुहाने से फेस की दूरी को कम करने के लिए कदम उठाया जाए।
Updated on:
29 Jan 2018 02:12 pm
Published on:
29 Jan 2018 01:43 pm
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