
गांव में हैल्थ कैम्प लगाया गया
कोरबा. शहर के बालको से लगे गांव केशलपुर में एक रहस्यमयी बीमारी से पुता और पुत्र की मौत हो गई है। विभाग को गांव में डायरिया का प्रकोप फैल जाने की सूचना मिली थी। जिसके बाद गांव में हैल्थ कैम्प लगाया गया है। जहां ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें निगरानी में रखा गया है।
केशलपुर के ही ग्रामीण जिला अस्पताल में भर्ती हैं। जिनकी मानें तो उन्हें हांथ-पांव में अकडऩ व कमजोरी की शिकायत है। यहां इलाज करा रही मोंगरा बाई ने बताया कि भाई 28 वर्षीय भाई दुर्गेश की मौत 18 जुलाई को हो गई है। उसे भी हाथ पांव में अकडऩ की शिकायत थी। इसके बाद इसी तरह के लक्षण से पिता धरम सिंह की भी मौत मंगलवार की सुबह पांच बजे हुई है। धरम सिंह की उम्र 55 वर्ष थी। हालांकि पिछले 24 घंटे से यहां स्वास्थ्य विभाग की टीम केशलपुर में कैम्प लगाकर लोगों का उपचार कर रही है। इसके बावजूद स्थिति नियंत्रण में नहीं है। एक ही परिवार के पिता और पुत्र की मौत हो चुकी है। जबकि इसी परिवार से शुरू हुई इसी बीमारी से पीडि़त मोंगरा बाई जिला अस्पताल में भर्ती है।
तीन बच्चों का उपचार जारी है। एक ही घर में हुई मौतों को लेकर स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि फूड पॉयजनिंग के कारण हुई है। जबकि लगभग दो दर्जन अन्य पीडि़तों के बारे में विभाग कहता है कि उन्हें हल्की फूल्की दस्त है। जिन्हें ग्लूकोज की बोतल चढाई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की ओर केशलपुर में तैनात एएमओ डॉ. बिमलेश्वरी लहरेे कहती हैं, कि मौके पर लोगों को ज्यादा से ज्यादा बेहतर उपचार देने की कोशिश की जा रही है। जो गंभीर रूप से पीडि़त हैं, उन्हें जिला अस्पताल रिफर किया जा रहा है।
विभाग के फूले हांथ-पंाव
गांव में लगभग दो दर्जन लोग पीडि़त हैं। वहां कैम्प लगाकर उपचार किया जा रहा है। कैम्प में भी पर्याप्त सुविधा न होने के कारण पीडि़तों को जमीन पर लिटाकर ड्रिप लगाया जा रहा है। विभाग ने बरसात के दिनों में पाया जाने वाला पुटू की सब्जी, मछली, सड़ा और बासी चावल खाने से परहेज करने को भी कहा है। जानकारी यह भी मिल रही है कि गांव के लगभग हर घर में उल्टी व दस्त का प्रकोप है। स्थिति चिंताजनक है। स्कूल और आंगनबाड़ी केन्द्रों में भी वीरानी छाई हुई है। बीमारी को लेकर लोगों में चिंता व्याप्त है।
-पिता पुत्र की मौत जरूर हुई है। लेकिन वह डायरिया की वजह से नहीं है। केशलपुर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा एहतियातन हैल्थ कैम्प भी लगाया गया है। इस दौरान भी डायरिया का प्रकोप फैलने जैसी कोई बात सामने नहीं आई है। पिता की मौत कैसे हुई सिविल सर्जन ही बताएंगे।
-डॉ. पीएस सिसोदिया, सीएमएचओ
Published on:
25 Jul 2018 10:53 am

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